NRI SANJH JALANDHAR (2 MAY)
लोकसभा चुनाव में दो चरणों का मतदान हो चुका है। तीसरे दौर के प्रचार का अंतिम चरण जारी है। इस इस दौरान कांग्रेस के मुख्यमंत्री और दिग्गज नेताओं के द्वारा ‘डीप फेक वीडियो’ प्रसारित कर भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार बेनकाब हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर कांग्रेस द्वारा उनके एक वीडियो को संपादित कर ‘डीप फेक’ में परिवर्तित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का प्रमाण पेश किया।
आरक्षण रद्द करने के संदर्भ में बनाए गए इस डीप फेक वीडियो के बारे में भारतीय जनता पार्टी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना के कांग्रेसी मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी को पूछताछ के लिए बुलावा भी भेजा। कांग्रेस के कई अन्य पदाधिकारी और उनके सहयोगी भी इस डीप फेक वीडियो के मामले में जांच के दायरे में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते एक अरसे से डीप फेक को लेकर पूरी दुनिया को सतर्क करते रहे हैं। कांग्रेस की इस हरकत पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के साथ-साथ तमाम एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी। पूरे चुनाव में कांग्रेस झूठ का पुलिंदा परोसने पर आमादा है।
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष और पार्टी के युवराज राहुल गांधी ने सर्वोच्च न्यायालय का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘चौकीदार चोर’ कहकर बदनाम करने का प्रयास किया था। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दायर कर माफी मांगनी पड़ी। इसके बावजूद उनकी झूठ बोलने की आदत खत्म नहीं हुई है।
इस चुनाव में ही वह लगातार झूठ का सहारा ले रहे हैं। उनकी एक चुनाव सभा का ही अगर ईमानदार मूल्यांकन कर दिया जाए तो राहुल गांधी और कांग्रेस की झूठ का बुर्का फटा हुआ दिखाई देता है। बीते 30 अप्रैल को राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के भिंड में एक चुनावी सभा को संबोधित किया।
उसमें उन्होंने कहा “बीजेपी के नेताओं ने साफ कहा है ,अमित शाह ने कहा है,बड़े-बड़े नेताओं ने कहा है कि अगर चुनाव में जीत होगी तो संविधान बदल दिया जाएगा, रद्द कर दिया जाएगा।” सत्य इसके विपरीत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं राहुल गांधी के इस भाषण के दो दिन पहले चुनावी प्रचार सभा में कह चुके हैं “जहां तक संविधान का सवाल है, आप मान कर चलिए और यह मोदी के शब्द हैं लिखकर रखिए।
अगर बाबा साहब अंबेडकर खुद वापस आ जाएं तब भी भारत के संविधान को रद्द नहीं किया जा सकता। हमारा संविधान सरकार के लिए गीता है, रामायण है, महाभारत है, बाइबल है, कुरान है, यह सब कुछ हमारे लिए हमारा संविधान है!”
इससे अधिक प्रखरता और स्पष्टता से संविधान के बारे में क्या भूमिका रखी जा सकती है? स्वयं प्रधानमंत्री जो कि भाजपा के सर्वोच्च नेता है उनके बयान के बावजूद राहुल गांधी मिथ्या प्रलाप करते हैं । गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेकर वह संविधान बदलने की बात करते हैं, जबकि अमित शाह ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी इस तरह का गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं दिया है।


