यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ कोरिया के साथ होने वाले सैन्य अभ्यास को कम करने के निर्देश दिए हैं. ट्रंप ने पेंटागन को सियोल के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास को काफी कम करने का निर्देश दिया है. दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की अमेरिकी कोशिशों में शामिल होने के उनके अनुरोध को ठुकरा दिया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके इसकी जानकारी दी है. उन्होंने लिखा, ”उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं. इसलिए मुझे यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आ रही है कि अमेरिका ने बहुत पहले दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर संयुक्त सैन्य अभ्यास (ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज) करने का समझौता किया था।
”’यह सैन्य अभ्यास न केवल बहुत महंगा है, जिसका ज्यादातर खर्च हमेशा की तरह अमेरिका ही उठाता है. बल्कि ये एक ऐसा संदेश भी देता है जो पूरी तरह से गलत और आक्रामक है. ये संदेश उस देश (उत्तर कोरिया) के लिए ठीक नहीं है, जो तब से बहुत शांत और सम्मानजनक रहा है जब से डोनाल्ड जे. ट्रंप राष्ट्रपति बने है।.”
उन्होंने आगे लिखा, ”हालांकि अब इन सैन्य अभ्यासों को पूरी तरह रद्द करना बहुत देर हो चुकी है, फिर भी मैंने युद्ध सचिव (रक्षा मंत्री) पीट हेगसेथ को निर्देश दिया है कि इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों का दायरा काफी हद तक घटा दिया जाए! इससे थोड़ा अलग मामला है, लेकिन हाल ही में मैंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से पूछा था कि क्या वे ईरान को परमाणु मुक्त बनाने (डेन्यूक्लियराइजेशन) के हमारे अभियान में साथ देंगे, तो उन्होंने कहा, जी नहीं, धन्यवाद! आपके ध्यान देने के लिए धन्यवाद.”
ट्रंप ने एक और पोस्ट किया है. उसमें लिखा, ”बहुत खुश हूं कि साउदी अरेबिया, तुर्किए और पाकिस्तान ने हाल ही में ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ (Mecca Joint Defense Agreement) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. मिडिल ईस्ट के देश जिस तरह एक साथ आ रहे हैं और जिस तरह वे अब अपनी रक्षा बेहतर ढंग से कर पाएंगे, वह काबिले तारीफ है. इन तीनों देशों के महान नेतृत्व को बहुत-बहुत बधाई. यह एक बहुत बड़ा, साहसी और बेहद महत्वपूर्ण पहला कदम है — वाह!”


