Wednesday, June 3, 2026

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अमेरिका ने रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध , ट्रंप ने पुतिन के साथ होने वाले बैठक को किया रद्द

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बुधवार यानी 22 अक्तूबर 2025 को रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए। ट्रंप ने इस कदम से सीधे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चुनौती दी है। अमेरिका की ओर से यह कदम रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए उठाया गया है।


अमेरिका ने रूस की रोसनेफ्ट और लुकोइल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए है। मुख्य बात यह है कि भारत इन दोनों कंपनियों से तेल खरीदता है। अब इस प्रतिबंध का प्रभाव भारत पर भी पड़ सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, “मैं हर बार व्लादिमीर पुतिन से बात करता हूं, बातचीत अच्छी होती है, लेकिन आगे नहीं बढ़ती।


राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पुतिन की खुलकर निंदा की। उन्होंने कहा, “वे शांति के मामले में बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। हालांकि नए प्रतिबंध हल का रास्ता लाएंगे। हमने काफी इंतजार किया, लेकिन अब समय आ गया है।” ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने पुतिन के साथ होने वाली एक प्रस्तावित शिखर बैठक को रद्द कर दिया है, क्योंकि उन्हें लगा कि अभी सही समय नहीं है।

यह बैठक बुडापेस्ट में होनी थी, लेकिन रूस की ओर से तत्काल युद्धविराम पर सहमति न मिलने के कारण यह टल गई
ट्रंप लंबे समय से रूस के खिलाफ बयान दे रहे हैं। उन्होंने पहले भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए थे और नहीं चाहते कि भारत रूस से तेल खरीदे। ट्रंप ने कहा कि रूस अपनी कमाई यूक्रेन युद्ध पर खर्च कर रहा है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इन प्रतिबंधों को पुतिन की ‘शांति प्रक्रिया में गंभीरता की कमी’ का जवाब बताया है।1bd8d3 ये प्रतिबंध रोसनेफ्ट और लुकोइल के साथ-साथ उनकी 30 से अधिक सहायक कंपनियों पर लागू होंगे, जो रूस के कच्चे तेल निर्यात का लगभग आधा हिस्सा संभालती हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बुधवार यानी 22 अक्तूबर 2025 को रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए। ट्रंप ने इस कदम से सीधे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चुनौती दी है। अमेरिका की ओर से यह कदम रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए उठाया गया है।अमेरिका ने रूस की रोसनेफ्ट और लुकोइल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए है। मुख्य बात यह है कि भारत इन दोनों कंपनियों से तेल खरीदता है।

अब इस प्रतिबंध का प्रभाव भारत पर भी पड़ सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, “मैं हर बार व्लादिमीर पुतिन से बात करता हूं, बातचीत अच्छी होती है, लेकिन आगे नहीं बढ़ती।राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पुतिन की खुलकर निंदा की। उन्होंने कहा, “वे शांति के मामले में बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। हालांकि नए प्रतिबंध हल का रास्ता लाएंगे। हमने काफी इंतजार किया, लेकिन अब समय आ गया है।”

ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने पुतिन के साथ होने वाली एक प्रस्तावित शिखर बैठक को रद्द कर दिया है, क्योंकि उन्हें लगा कि अभी सही समय नहीं है। यह बैठक बुडापेस्ट में होनी थी, लेकिन रूस की ओर से तत्काल युद्धविराम पर सहमति न मिलने के कारण यह टल गईट्रंप लंबे समय से रूस के खिलाफ बयान दे रहे हैं। उन्होंने पहले भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए थे और नहीं चाहते कि भारत रूस से तेल खरीदे।

ट्रंप ने कहा कि रूस अपनी कमाई यूक्रेन युद्ध पर खर्च कर रहा है।अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इन प्रतिबंधों को पुतिन की ‘शांति प्रक्रिया में गंभीरता की कमी’ का जवाब बताया है। यह प्रतिबंध रोसनेफ्ट और लुकोइल के साथ-साथ उनकी 30 से अधिक सहायक कंपनियों पर लागू होंगे, जो रूस के कच्चे तेल निर्यात का लगभग आधा हिस्सा संभालती हैं।

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