पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ वायरल हुए एक फर्जी वीडियो के मामले में मोहाली की एक अदालत ने सख्त कार्रवाई का आदेश जारी किया है। यह फर्जी वीडियो कथित तौर पर “जगमन समरा” नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया था।
अदालत ने मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई इन आपत्तिजनक पोस्टों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। यह मामला 22 अक्तूबर 2025 को सामने आया, जब मोहाली साइबर क्राइम सेल ने FIR दर्ज की। फर्जी वीडियो का विवरण यह वीडियो AI-जनरेटेड डीपफेक (deepfake) था, जिसमें मुख्यमंत्री को आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था।
जगमन सिंह समरा, जो कनाडा में रहने वाले एनआरआई हैं और मूल रूप से संगरूर मुख्यमंत्री का गृह जिला के निवासी है, ने फेसबुक पर दो वीडियो अपलोड किए। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति पंजाब के सीएम हैं। वीडियो के साथ कैप्शन था: “ये ट्रेलर है।”साइबर क्राइम सेल ने इसकी स्वत: संज्ञान लिया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 340(2), 353(1) एवं (2), 351(2), 336(4) तथा IT एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया।
अदालत ने इस मामले में सोशल मीडिया दिग्गजों फेसबुक और गूगल को सीधे निर्देश जारी किए है अदालत ने फेसबुक को 24 घंटों के अंदर इन सभी आपत्तिजनक पोस्टों को हटाने का आदेश दिया है।समान या एक जैसी पोस्टें कोर्ट ने हुकुम दिया है कि जैसे ही साइबर क्राइम विभाग फेसबुक को जानकारी देता है, कंपनी को उसी तरह की या हूबहू सभी आपत्तिजनक पोस्टों को तुरंत हटाना और ब्लॉक करना होगा।
गूगल को यह सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है कि ऐसी कोई भी आपत्तिजनक सामग्री उसके सर्च रिजल्ट्स में न दिखाई दे।कार्रवाई न करने पर एक्शन अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि अगर फेसबुक और गूगल इस वीडियो को ब्लॉक करने या हटाने में असफल रहते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस आरोपी जगमन समरा का पता लगा रही है और जांच जारी है।


