पंजाब विधान सभा के सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। सबसे पहले सदन के अंदर विछड़ी हुई आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई। इनमें पूर्व मंत्री चुन्नी लाल भगत, पूर्व सांसद वृंदा सिंह बाजवा, पूर्व विधायक रणजीत सिंह और प्रसिद्ध डॉक्टर डॉ. रतन लाल मित्तल शामिल हैं। इसके साथ ही नशों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले परविंदर सिंह झोटा को भी श्रद्धांजलि दी गई।
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उनकी कुर्बानी को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। इसी तरह संगरूर में हादसे के दौरान मारे गए मजदूरों को भी श्रद्धांजलि दी गई। इस सत्र में जनता की समस्याओं, जरूरी विकास कार्यों और नशे के गंभीर मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है।सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी पक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
खास बात यह है कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के अंतिम विधान सभा सत्रों में शामिल होने के कारण इस बार की कार्यवाही राजनीतिक नजरिए से भी अहम मानी जा रही है। लोगों से जुड़ी समस्याओं और जरूरी विकास कार्यों की सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है।


