लहरागागा-जाखल रोड पर गांव अलीशेर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे को लेकर लगातार चल रहा धरना आज प्रशासन और एक्शन कमेटी के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त कर दिया गया। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों द्वारा जाम किया गया लहरागागा–जाखल रोड भी आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
इस दर्दनाक सड़क हादसे में मनरेगा के तहत काम कर रहे 8 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 12 व्यक्ति घायल हुए थे। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरियां देने की मांग को लेकर गांव वालों और विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार धरना दिया जा रहा था।
लहरागागा के बीडीपीओ कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर संगरूर पूनमदीप कौर, एडीसी संगरूर, एसपी (डी) और धरने की अगुवाई कर रही एक्शन कमेटी के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई।बैठक के दौरान पीड़ित परिवारों की मांगों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद प्रशासन और एक्शन कमेटी के बीच सहमति बन गई और धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया गया।
मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। प्रत्येक मृतक के परिवार में से एक सदस्य को ठेके के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायलों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अन्य घायलों को 2-2 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। सड़क पर काम कर रहे मनरेगा मजदूरों को पांच-पांच मरले के प्लॉट देने पर भी सहमति बनी है।


