पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में घट रहे जल स्तर के बारे में आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि पंजाब अब डार्क जोन से निकल चुका है और जल स्तर थोड़ा बढ़ा है। धान के सीजन के संबंध में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के भू-जल के कुछ आंकड़े आए हैं, जो बहुत ही सकारात्मक हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार बारिश कम होने के कारण नहर का पानी पंजाब के लोगों तक पहुंचा है, जिससे पैदावार भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भूजल का इस्तेमाल कम हुआ है। उन्होंने कहा कि 18 हजार क्यूसेक पानी मोगों के माध्यम से निकालकर पंजाब के खेतों को दिया गया है।
पंजाब में जल स्तर एक मीटर से 5 मीटर तक बढ़ा है, जिसके कारण ज्यादातर इलाके जो डार्क जोन में थे, वे अब सेफ जोन में आ गए हैं। इससे पंजाब डार्क जोन से बाहर आ गया है। भारत सरकार के आंकड़े पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े भारत सरकार के भू-जल बोर्ड के हैं।
उन्होंने बताया कि 14 हजार किलोमीटर तक पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और 6 हजार किलोमीटर और पाइपलाइन बिछाई जानी है। अंत में उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश का नाम पानीयों पर है, जिसे हम रेगिस्तान नहीं बनने देंगे।


