चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सेक्टर 48 के पास यूनाइटेड किसान मोर्चा का शुरू किया गया प्रोटेस्ट आज तीसरे दिन भी जारी है। पंजाब के अलग-अलग जिलों से किसानों और मजदूरों के ग्रुप लगातार प्रोटेस्ट साइट पर पहुंच रहे हैं। किसान नेता कह रहे हैं कि अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस आंदोलन को अब पंजाबी कलाकारों का भी सपोर्ट मिलने लगा है।
पंजाबी सिंगर रेशम सिंह अनमोल भी किसानों के हक में प्रोटेस्ट साइट पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से मुलाकात की और लंगर सेवा में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने लंगर में सेवा कर रही महिलाओं के पैर मसाज करके उनके प्रति सम्मान भी जताया। उनके आने से प्रोटेस्ट पर बैठे किसानों में जोश देखा गया। बुधवार को पंजाब के कई जिलों से बड़ी संख्या में किसान प्रोटेस्ट में शामिल हुए। किसान नेता सुबह करीब 11 बजे स्टेज से किसानों को संबोधित करने वाले हैं।
इससे पहले, किसान यूनियन राजेवाल के हेड बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा था कि देश के फूड प्रोडक्शन में बड़ा योगदान देने वाले किसानों को आज अपने हक और इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति को सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। राजेवाल ने किसानों से अपने हक के लिए एकजुट होने की अपील की और कहा कि सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि समाज के अलग-अलग तबके भी मौजूदा सरकारों से नाराज हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर US के साथ कोई ऐसा समझौता होता है जिससे किसानों के हितों पर असर पड़ता है, तो किसान देश स्तर पर सड़कें और रेल ट्रैफिक जाम करने जैसे कदम उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो सेक्टर 48 के पास चल रहे पक्के विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जा सकता है। किसान नेताओं का कहना है कि मांगें पूरी होने के बाद ही किसान वापस जाएंगे।
चंडीगढ़ में जगतपुरा से सेक्टर 48 तक सड़क के एक तरफ किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है, जबकि दूसरी तरफ ट्रैफिक जारी है। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे और उपलब्ध जगहों पर खड़ी की गई हैं। किसान नेताओं के मुताबिक, आने वाले दिनों में अगर गाड़ियों की संख्या और बढ़ी, तो ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है। मानसा समेत पंजाब के दूर-दराज के इलाकों से पहुंच रहे किसानों में भी आंदोलन को लेकर जोश दिख रहा है।
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे संघर्ष जारी रखने को तैयार हैं। उन्होंने सरकार से अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की और कहा कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। विरोध के दौरान किसान नेताओं ने बिजली, पानी, मोबाइल टॉयलेट और रहने की सही जगह की कमी का मुद्दा भी उठाया। मंच से बोलने वालों ने कहा कि अगर विरोध कर रहे किसानों को ज़रूरी बेसिक सुविधाएँ नहीं दी गईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज़ किया जा सकता है।


