भारतीय किसान यूनियन लखोवाल ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने जा रहे किसानों को रोकना केंद्र सरकार का तानाशाही रवैया दर्शाता है। उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 22 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पंजाब भर के टोल प्लाजों को मुफ्त करवाया जाएगा।
जिन इलाकों में टोल प्लाजे नहीं हैं, वहां मुख्य नेताओं के घरों के आगे शांतिपूर्ण तरीके से रोष प्रदर्शन किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। किसानों को दिल्ली जाने से रोकना, बैरिकेड लगाना और पुलिस बल के सहारे उनकी आवाज को दबाने की कोशिश करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
देश के अन्नदाता के साथ अपराधियों जैसा सलूक करना किसी भी हालत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। सरकार को किसानों की मांगें सुननी चाहिए, न कि उन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करने की कोशिश करनी चाहिए। केंद्र सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों और गरिमा का सम्मान करना चाहिए।


