पंजाब पुलिस को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई में सफलता मिली है। केंद्रीय एजेंसियों की मदद से, पंजाब पुलिस ने आज मोल्दोवा से अमृतपाल सिंह, उर्फ अमृत डालम, के प्रत्यर्पण (extradition) को सफलतापूर्वक पूरा किया है। अमृतपाल सिंह जग्गू भगवानपुरिया गैंग का एक अहम सदस्य है।
वह पंजाब में कई गंभीर अपराधों के मामलों में वांछित था, जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश और UAPA, आर्म्स एक्ट और ड्रग्स से जुड़े कानूनों का उल्लंघन शामिल है। पंजाब के DGP गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी बड़े भगोड़े अपराधी को सफलतापूर्वक किसी यूरोपीय देश से वापस लाया गया है।पंजाब पुलिस ने इस अपराधी को पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’ शुरू किया था।
पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल (OFTEC) ने खुफिया जानकारी पर आधारित इस गुप्त ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई, जो छह महीने तक चला। गैंगस्टर अमृत डालम को इस साल 7 मार्च को पूर्वी यूरोपीय देश मोल्दोवा की सीमा पर हिरासत में लिया गया था।
मोल्दोवा सीमा पर उसकी पहचान इंटरपोल के ‘रेड नोटिस’ के आधार पर की गई—जिसे पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर हासिल किया था—और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल शामिल था। उसके छिपने के ठिकानों और गतिविधियों पर कई महीनों से नज़र रखी जा रही थी। आखिरकार, उसे मोल्दोवा सीमा पर गिरफ्तार कर लिया गया।


