ईरान पर जारी अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि सुन्नी और शिया दोनों ही चरमपंथी है और पूरी दुनिया के लिए खतरा है। हम यह नहीं कह सकते कि यह समस्या अपने आप हल हो जाएगी।
हिजबुल्लाह को लेकर उन्होंने कहा कि हमने लेबनान सरकार को चेतावनी दी है कि वे आग से खेल रहे है अगर वे हिजबुल्लाह को निहत्था किए बिना उसे काम करने देते रहे तो इसका मतलब है कि वे अपना भाग्य खुद चुन रहे है अगर वे कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो हम कार्रवाई करेंगे।
नेतन्याहू ने कहा कि जमीनी स्तर पर यह कैसे किया जाएगा, इस बारे में मैं विस्तार से नहीं बताऊंगा, लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हिजबुल्लाह को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल ईरान में विपक्षी समूहों को हथियार देने की दिशा में काम कर रहा है? तो इस पर नेतन्याहू ने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि ईरानी जनता के प्रयासों के बिना शासन को नहीं गिराया जा सकता और हमने उन्हें इस बात की जानकारी दे दी है।
हमने उन्हें बताया है कि मदद रास्ते में है।उन्होंने आगे कहा कि मैं आपको यह नहीं बता सकता कि अंत में क्या होगा।मैं आपको नहीं बताऊंगा।हम जानते हैं और हम समझते हैं कि आप भी आशा करते हैं कि यह शासन खत्म हो जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह बहुत कमजोर हो जाएगा, लेकिन अगर ये खत्म हो जाता है तो समस्या हल हो जाएगी।


