NRI SANJH JALANDHAR (18 SEPTEMBER)
अपने रिश्ते को नया आयाम देते हुए पाकिस्तान और सऊदी अरब ने NATO देशों जैसा समझौता किया है। इस समझौके के तहत देनों देशों के किसी एक देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। समझौके के तहत दोनों देश विरोधी देश से मिलकर लड़ेंगे। इस समझौते को “स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस डील” कहा गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की रियाद यात्रा (Shehbaz Sharif Riyadh Visit) के दौरान साइन हुए इस समझौते का मकसद रक्षा सहयोग बढ़ाना और क्षेत्रीय-वैश्विक शांति को मजबूती देना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशो के बीच ये डील बुधवार (17 सितंबर) को किय़ा गया। इसके तहत तय हुआ है कि अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।
यह समझौता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सऊदी अरब यात्रा के दौरान हुआ। वह रियाद पहुंचे जहां अल-यमामा पैलेस में क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने उनका स्वागत किया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यह समझौता दोनों देशों की लगभग आठ दशकों पुरानी साझेदारी पर आधारित है, जिसे भाईचारे, इस्लामिक एकजुटता और साझा रणनीतिक हितों ने मजबूत बनाया है।
साझा बयान में बताया गया कि यह समझौता सिर्फ द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों को गहरा करने के लिए नहीं है, बल्कि इसका मकसद क्षेत्रीय और वैश्विक शांति में योगदान देना भी है। इसमें यह भी साफ कहा गया कि किसी भी देश के खिलाफ आक्रामकता को दोनों के खिलाफ आक्रामकता माना जाएगा। इस समझौते के ज़रिए रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने, संयुक्त प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने और किसी भी संभावित हमले से बचाव करने पर जोर दिया गया है।
शहबाज शरीफ के साथ पहुंचे ये नेता
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जब रियाद पहुंचे तो उनका स्वागत डिप्टी गवर्नर मुहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने किया। इस दौरान उनके साथ विदेश मंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब, सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तारड़, पर्यावरण मंत्री मुसादिक मलिक और विशेष सहायक तरीक फातिमी भी मौजूद थे।


