पंजाब में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, राज्य सरकार ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों में 7 सितंबर 2025 तक छुट्टियां बढ़ा दी थी। पहले यह छुट्टियां 3 सितंबर तक थी, लेकिन बिगड़ते हालातों के कारण इन्हें आगे बढ़ा दिया गया है।
प्रभावित स्कूलों की स्थिति बाढ़ से कई स्कूल अभी भी पानी और कीचड़ से भरे हैं, जिससे साफ-सफाई में समय लगेगा। विशेष रूप से प्रभावित इलाकों (जैसे गुरदासपुर, पठानकोट) में छुट्टियां और बढ़ाई जा सकती हैं।शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक्स पर घोषणा करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार, छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। अगर बाढ़ की स्थिति में सुधार होता है, तो 8 सितंबर से कक्षाएं फिर शुरू हो सकती हैं, अन्यथा छुट्टियां और बढ़ाई जा सकती हैं।
पंजाब के सभी 23 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जिसमें गुरदासपुर (323 गांव), अमृतसर, कपूरथला (107), फिरोजपुर (101), पठानकोट (89), होशियारपुर (85) आदि शामिल हैं। कुल 1,312 से 1,655 गांव जलमग्न हो चुके हैं, और 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।अब तक 30 से 37 लोगों की मौत हो चुकी है, और कई लापता हैं।
3 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि बर्बाद हो गई है, खासकर धान की फसल को भारी नुक्सान पहुंचा है। राहत कार्य और सरकारी कदमराज्य सरकार ने पंजाब को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है, सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थी। एनडीआरएफ, सेना, बीएसएफ और वायुसेना ने 20,000 से अधिक लोगों को बचाया है।
47 आर्मी कॉलम, 23 एनडीआरएफ टीमें और 20 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हालात का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पीएम मोदी से 60,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है।


