NRI SANJH JALANDHAR (21 January)
राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह संपन्न होने के बाद सोमवार शाम को अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगाएगी। मंदिर प्रबंधको ने बताया कि मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर ‘राम ज्योति’ प्रज्ज्वलित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या सरयू नदी के तटों की मिट्टी से बने दीपों से रोशन होगी।अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत ‘राम ज्योति’ प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनाई जाएगी।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी (आरटीओ) आर. पी. यादव ने बताया कि 22 जनवरी की शाम 100 प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए जाएंगे और इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप दीप जलाए जाएंगे तो इसमें स्थानीय कुम्हारों की मदद ली जा रही है और उनसे दीपों को खरीदा जा रहा है
सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही दीपोत्सव की शुरुआत हुई था। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद योगी सरकार की तरफ से पूरी अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा और राज्य पर्यटन विभाग की ओर से इसकी भव्य तैयारी की जा रही है। राम लला, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, गुप्तारघाट, सरयू तट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत 100 मंदिरों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

प्राण-प्रतिष्ठा के बाद आम लोग भी यहां दर्शन कर सकेंगे। राम मंदिर में एंट्री को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं, जिसका आपको खास ख्याल रखना होगा। राम मंदिर में एंट्री करते समय आपको अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अंदर ले जाने की इजाजत नहीं होगी। इन गैजेट्स में मोबाइल, ईयर फोन, रिमोट वाली चाबी और अन्य चीजें शामिल हैं। इसके अलावा पर्स या अन्य कोई बैग भी अंदर नहीं ले जा सकेंगे.राम मंदिर में एंट्री करते समय आपको अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अंदर ले जाने की इजाजत नहीं होगी. इन गैजेट्स में मोबाइल, ईयर फोन, रिमोट वाली चाबी और अन्य चीजें शामिल हैं. इसके अलावा पर्स या अन्य कोई बैग भी अंदर नहीं ले जा सकेंगे।

इसके अलावा राम मंदिर आने वाले मेहमानों को 22 जनवरी सुबह 11 बजे से पहले एंट्री लेनी होगी। सुरक्षा के लिहाज से अगर कोई सुरक्षाकर्मी साथ आया है तो उसे भी बाहर ही रहना होगा। राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कोई ड्रेस कोड लागू नहीं किया गया है। हालांकि आप राम मंदिर के उद्घाटन में भारतीय परंपरा अनुसार कपड़े पहनकर जा सकते हैं। रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पुरुष धोती, गमछा, कुर्ता-पजामा और महिलाएं सलवार सूट या साड़ी में जा सकती हैं।


