NRI SANJH JALANDHAR (6 February)
महाराष्ट्र और गोवा पुलिस ने जाइंट आप्रेशन के जरिए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई नरोत्तम सिंह ढिल्लों की हत्या की गुत्थी को सुलझा दिया है। नरोत्तम की हत्या के बाद पुलिस को मौके से युवक और युवती पर शक था। जिसके आधार पर महाराष्ट्र की पुलिस ने दोनो से पूछताछ की तो बड़ा खुलासा हुआ है। जिसमें उन्होंने माना कि पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई नरोत्तम की हत्या उन्होंने ही की है। नरोत्तम की बॉडी पर जख्मों के काफी निशान थे और गला भी दबाया गया था। ये सब पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।

नरोतम का विला
4 आरोपियों के खिलाफ हत्या व लूट का मामला दर्ज
गोवा पुलिस ने युवक और युवती समेत 2 अन्य लोगों पर हत्या व लूट का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जितेंद्र रामचंद्र साहू (32) और नीतू शंकर राहुजा (22) निवासीगण भोपाल, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। बता दें कि नरोतम सिंह की दोस्ती महिला के साथ इंस्टाग्राम पर हुई थी। नरोतम अकेले ही गोवा में रहते थे और सारा परिवार विदेश में सेटल है। महाराष्ट्र पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी ढिल्लों के गले में पहनी हुई सोने की चेन और कड़ा सहित 45 लाख का सामान लूट कर ले गए थे।

आरोपी युवती ने बताई पुलिस को ये कहानी
महाराष्ट्र पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में लड़की ने बताया कि इंस्टाग्राम पर नरोतम उर्फ निम्म ढिल्लों से बातचीत शुरु हुई और नरोतम ने गोवा आने के लिए कहा। जिसके बाद व अपने दोस्तों के साथ गोवा उनके बंगले में गई। जिसके बाद 4 फरवरी को नरोतम ने गलत हरकत करनी शुरु कर दी। जिसके बाद नरोतम की हत्या कर दी और मौके से भाग गए। गोवा आने के बाद दोनों ने एक गाड़ी ट्रांसपोर्ट से किराए पर ली थी। उसी गाड़ी में बैठकर वह नरोत्तम के पास पहुंचे थे। हत्या और लूट के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हुए थे। फरार होते वक्त भी आरोपियों ने किराए पर ली गई कार का ही इस्तेमाल किया था। वहीं महाराष्ट्र की पुलिस अब आरोपियों को जल्द ही गोवा पुलिस को सौंप देगी।

गोवा से बाहर लेकर गए आरोपी कार तो पुलिस को दी शिकायत
आरोपी युवक और युवती ने जब हत्या की तो उन्होंने किराए पर ली गई कार से भागने की कोशिश की। जब वह गोवा से बाहर निकले तो कार मालिक को पता चल गया। क्योंकि उसमें ट्रैकर लगा हुआ था। जिसके बाद कार मालिक ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उसी समय पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या हुई। पुलिस ने दोनो मामलों के एक साथ जोड़ कर देखा तो सच सामने आ गया। गोवा पुलिस ने इस संबंधी महाराष्ट्र पुलिस की मदद ली और सारी जानकारी दी। जिसके बाद आरोपी पकड़ में आ गए।


