NRI SANJH JALANDHAR (25 MAY)
सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश का साथ नौ दिनी नौतपा की शुरुआत 25 मई को सुबह 4 बजे से होगी। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान भीषण गर्मी पड़ती है। ज्योतिर्विद आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही सूर्य और धरती के बीच की दूरी कम हो जाती है। सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती है तो इससे तापमान में वृद्धि होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा है, लेकिन जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो चंद्रमा के इस नक्षत्र को भी अपने प्रभाव में ले लेता है, इससे चंद्रमा का शीतल प्रभाव भी कम हो जाता है। नौतपा में सूर्य अपने प्रचंड रूप में रहते हैं। इस दौरान सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करने के साथ ही लोग ठंडी वस्तुएं जैसे पानी, शरबत, रसदार फल, छाता, नींबू पानी, छाछ, दही, सत्तू आदि का दान करते हैं।
मौसम विभाग द्वारा शनिवार को शहर में लू चलने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक लू की स्थिति में शारीरिक तनाव हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु भी हो सकती है। लू के प्रभाव को कम करने और हीट स्ट्रोक के कारण गंभीर बीमारी या मृत्यु को रोकने के लिए, आप ये उपाय कर सकते हैं।
दोपहर 12 से 3 बजे के दौरान धूप में बाहर निकलने से बचें, जरूरत हो तभी बाहर निकलें।
पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
हल्के रंग के, ढीले और आरामदायक सूती कपड़े पहनें।
धूप में बाहर जाते समय सुरक्षात्मक चश्मे, छाता, टोपी और जूते का उपयोग करें।
जब बाहर का तापमान अधिक हो तो अधिक श्रम वाले कार्य न करें।
यात्रा करते समय अपने साथ शीतल पेयजल रखें
शराब, चाय, काफी, कार्बोनेटेड युक्त शीतल पेय का सेवन नहीं करे, जो शरीर को निर्जलित करते हैं।
उच्च प्रोटीन युक्त भोजन और बासी भोजन का सेवन न करें
पार्क किए गए वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़ें
यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं, तो तुरंत डाक्टर से परामर्श लें
ओआरएस, घर पर बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें जो शरीर को हाइड्रेट करने में मदद करता है।
लू से प्रभावित व्यक्ति के उपचार के लिए सुझाव
व्यक्ति को छाया मे लिटाएं और शरीर को गीले कपड़े से बार-बार पोछें या धोएं। शरीर के तापमान को कम करने के लिए सामान्य तापमान का पानी सिर पर डालें
शरीर को हाइड्रेट करने के लिए ओआरएस, घर पर बने पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ आदि पिलाएं
अगर रोगी को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है तो तत्काल निकट के स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं क्योंकि हीट स्ट्रोक घातक हो सकता है


