भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने भारतीय पासपोर्ट की प्रमाणिकता को लेकर गुरुवार (25 जून, 2026) को बड़ा बयान दिया है. चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान पासपोर्ट को एक वैध दस्तावेज के रूप में मानने की बात कही है।चुनाव आयोग ने कहा कि भारत की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की पात्रता साबित करने के लिए मतदाताओं को जिन 12 वैध दस्तावेजों की जरूरी होती है, उनमें एक भारतीय पासपोर्ट भी शामिल है,
जो कि वोटर लिस्ट के एसआईआर (SIR) के दौरान लगातार जारी है।आयोग ने कहा कि बिहार और असम में एसआईआर के साथ-साथ अन्य जगहों पर वोटर लिस्ट में हुए पुनरीक्षण के दौरान पासपोर् को लगातार उन 12 दस्तावेजों में से एक माना गया है, जिनसे कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में अपना रजिस्ट्रेशन कराने या लिस्ट में अपने स्टेटस को बनाए रखने के लिए आवेदन देते समय जमा करा सकते हैं।चुनाव आयोग की तरफ से यह प्रतिक्रिया विदेश मंत्रालय के उस बयान के बाद सामने आया है,
जिसमें मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि भारत का पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है और यह नागरिकता के सबूत के तौर पर नहीं माना जा सकता है.दरअसल, 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हालांकि, पासपोर्ट विदेशों में रहने के दौरान भारतीय मूल के नागरिकों की राष्ट्रीयता को साबित करता है, लेकिन नागरिकता अलग कानूनी प्रावधानों के तहत निर्धारित होती है।


