Tuesday, May 19, 2026

Google search engine
Homeनेशनलसुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने...

सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने फैसले को बरकरार रखा

देश में डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने फैसले को बरकरार रखा है। SC ने उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें डॉग लवर्स की ओर से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने के पहले के आदेश में बदलाव की मांग की गई थी।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनिमन बर्थ कंट्रोल (ABC) प्रोग्राम को सही तरीके से लागू नहीं किए जाने की वजह से समस्या और गंभीर होती जा रही है।

कोर्ट ने कहा, राज्यों को एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स का पालन करना चाहिए था तब ऐसी स्थिति नहीं बनती।कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि ‘आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और यह अब बेहद गंभीर समस्या बन चुकी है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले है। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं. दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट के केस आए हैं. विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है।

देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं.’सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘बच्चों, बुजुर्गों को कुत्ते काट रहे हैं. ऐसी घटनाएं शहरी प्रशासन और गवर्नेंस पर लोगों के भरोसे को प्रभावित कर रही हैं. हम ऐसी स्थिति से आंखें नहीं मूंद सकते हैं. संविधान का अनुच्छेद कमजोर और असहाय लोगों को भी गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है।सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में आदेश देते हुए यह भी कहा कि गंभीर रूप से बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर विचार किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त और 7 नवंबर 2025 को जारी अपने निर्देशों का जिक्र करते हुए कहा कि इन निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकारें और संबंधित अधिकारी इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो इसे अवमानना की तरह देखा जाएगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments