NRI SANJH JALANDHAR (5 February)
अब बिना इंटरनेट के मोबाइल पर लाइव टीवी देख सकेगें। केंद्र सरकार जल्द ही FM रेडियो की तरह D2M(डायरेक्ट-टू-मोबाइल) टेक्नोलॉजी का ट्रायल 19 शहरों में करने जा रही है। वीडियो ट्रैफिक का 25-30 प्रतिशत D2M के आने से 5G नेटवर्क का कहाना है कि घरेलू डायरेक्ट-टू मोबाइल टेक्नोलॉजी का ट्रायल जल्द ही 19 शहरों में किया जाएगा। ये टेक्नोलॉजी ऐसी है कि कोई व्यक्ति बिना SIM कार्ड या इंटरनेट कनेक्शन के अपने मोबाइल पर वीडियो या लािव टीवी को स्ट्रीम कर सकता है।
पिछले साल जून 2023 में, IIT-कानपुर ने प्रसार भारती और टेलीकॉम डेवलपमेंट सोसाइटी के सहयोग से D2M ब्रॉडकास्टिंग पर व्हाइट पेपर जारी किया था, जिसमें इसके बारे में सब कुछ विस्तार से बताया गया है। इस टेक्नोलॉजी को Saankhya Labs और IIT कानपुर ने विकसित किया। अगस्त 2023 में एक लेटर में, ब्रॉडकास्ट मिनिस्टर ने भी इसके उपयोग के मामलों को लिस्ट किया था।
D2M टेक्नोलॉजी एक तरह से FM रेडियो के समान काम करता है, जहां फोन के अंदर एक खास रिसीवर डी2एम कंटेंट ले जाने वाली स्पेशल रेडियो फ्रीक्वेंसी को पकड़ कर सकता है। D2M ब्रॉडबैंड और ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी के एलिमेंट का एक मिश्रण है। मोबाइल फोन समर्पित एंटीना का उपयोग करके स्थलीय डिजिटल टीवी सिग्नल कैप्चर कर सकते हैं।
D2h जैसी टेकनोलॉजी
सूचना और प्रसारण के पूर्व सचिव अपूर्व चंद्रा के मुताबिक, सरकार इस उभरती हुई तकनीक के लिए 470-582MHz स्पेक्ट्रम रिसर्व रखेगी। यह टेक्नोलॉजी डी टू एच टेक्नोलॉजी जैसी भी है, जिसमें डिश एंटेना ब्रॉडकास्ट सिग्नल को सैटेलाइट से डायरेक्ट रिसीव करता है। इसके बाद इसे रिसीवर को ट्रांसमिट करता है, जिसे सेट-टॉप बॉक्स कहा जाता है। साल 2022 में IIT कानपुर ने डी2एम ब्रॉडकास्ट 5जी ब्रॉडबैंड कन्वर्जेंस रोडमैप फॉर इंडिया नाम से एक पेपर पब्लिश किया था। इस पेपर में दी गई जानकारी के मुताबिक डी2एम टेक्नोलॉजी को वर्तमान में मौजूद मोबालइ डिवाइस सपोर्ट नहीं करते हैं।


