देश के नेशनल हाईवे पर सफ़र करने वालों के लिए जल्द ही एक बड़ा बदलाव आ सकता है। केंद्र सरकार उन गाड़ियों और अधिकारियों को दी जा रही टोल छूट की समीक्षा कर रही है, जिन्हें अब तक टोल टैक्स नहीं देना पड़ता था। इस बदलाव का मतलब यह हो सकता है कि भविष्य में कई सरकारी गाड़ियों और अधिकारियों को भी टोल देना पड़ेगा, जिन्हें पहले यह सुविधा मिलती थी।
मौजूदा नियमों के मुताबिक, कुछ लोगों और गाड़ियों को टोल से छूट मिली हुई है। इनमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, सुप्रीम कोर्ट के जज, सांसद और कुछ सीनियर सरकारी अधिकारियों की गाड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा, कई सरकारी विभागों की गाड़ियां भी बिना टोल दिए नेशनल हाईवे पर सफ़र करती हैं।
एक हाई-लेवल कमेटी ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से सिफ़ारिश की है कि टोल-मुक्त गाड़ियों की लिस्ट को या तो पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए या फिर उसमें काफ़ी कमी की जाए।अगर यह प्रस्ताव लागू हो जाता है, तो कई सरकारी अधिकारियों और विभागों की गाड़ियों को भी आम लोगों की तरह टोल देना पड़ सकता है।


