NRI SANJH JALANDHAR (5
पंजाब में फगवाड़ा स्थित मशहूर यूनिवर्सिटी के पास थाईलैंड की लड़कियों के सेक्स रैकेट मामले में नए खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक रैकेट के मास्टरमाइंड ने स्पा सेंटर खोला था। इसकी आड़ में वह लड़कियों से देह व्यापार करा रहा था। आरोपी लड़कियों की ऑफलाइन और ऑनलाइन बुकिंग करते थे। जिसमें फोटो भेज या दिखाकर लड़की पसंद कराई जाती थी। हालांकि पुलिस को भनक लगी तो कर्मचारी सादी वर्दी में वहां चले गए। आरोपियों ने उन्हें भी ग्राहक समझकर सौदा किया तो फंस गए।

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों के ग्राहक सिर्फ लड़के ही नहीं, बल्कि लड़कियां भी थीं। इसके लिए आरोपियों ने केन्या के युवक को रैकेट में रखा हुआ था। बता दें कि कल सोमवार को पुलिस ने थाईलैंड की 9 लड़कियों और एक विदेशी लड़के के साथ 26 लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनमें 4 भारतीय लड़कियां भी रैकेट में शामिल मिलीं।
आरोपी जहां सेक्स रैकेट चला रहे थे, वहां पास में ही पंजाब की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी है। यहां काफी विदेशी बच्चे पढ़ने आते हैं। उक्त बच्चों को पैसों का लालच देकर आरोपी देह व्यापार के धंधे में उतार लेते हैं। आरोपी आधे पैसे लड़कियों को देते थे और बाकी पैसे मुख्य आरोपी अपने पास रखते थे। गुर्गों को आरोपियों ने सैलरी पर रखा हुआ था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों तरह काम करते थे। ऑनलाइन उनके लिंक वाले ग्राहक आते थे। जिसमें जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, फगवाड़ा, होशियारपुर सहित अन्य जिलों के ग्राहक सबसे ज्यादा थे। यूनिवर्सिटी पास होने के कारण वहां से भी काफी ग्राहक आ जाते थे। कुछ लोग फोन के जरिए संपर्क करते थे। उन्हें वॉट्सऐप पर फोटो और रेट भेजा था। रेट तय होने के बाद उन्हें टाइम और जगह बताकर बुला लिया जाता था। सभी लड़कियों के फोटो छोटे-छोटे कपड़े में खींचे जाते थे, जिससे ग्राहक जल्दी आकर्षित हो सके।

इस तरह से पकड़ा गया पूरा रैकेट
केस-1 : फगवाड़ा के थाना सतमानपुर के SHO जतिंदर सिंह, ASI सुनील कुमार, ASI कुलविंदर सिंह सिपाही चरणजीत सिंह, ASI नछत्तर सिंह गश्त के लिए फगवाड़ा के महेडू मोड़ पर मौजूद थे। जहां एक मुखबीर ने पुलिस को सैक्स रैकेट के बारे में सूचना दी। जिसमें बताया गया कि अमृतसर के मजीठा रोड पर स्थित मोहल्ला भवानी नगर का रहने वाला दीपक बहल उर्फ अशीष सेक्स रैकेट चलाता है।
सूचना पुख्ता नहीं थी तो पुलिस ने प्लान तैयार किया और अधिकारियों से सारा मामला शेयर किया गया। SSP वत्सला गुप्ता ने SP फगवाड़ा की सुपरविजन में रेड पार्टी गठित की गई और सिपाही चरणजीत सिंह को सिविल वर्दी पहना ग्राहक बनाकर भेजा गया। पहले तो सिर्फ 2 चक्कर वैसे ही लगाए गए, जब तीसरी बार मुलाजिम वहां पर पहुंचा तो उस सेक्स रैकेट चलाने वाले गुर्गों ने पूछा लिया।
आरोपियों ने 2 हजार रुपए में विदेश लड़की दिलवाने की बात कही। सिपाही ने 500-500 के 4 नोट दिए और उसे लड़की के पास भेज दिया गया। सिपाही ने तुरंत किसी तरह अपने अधिकारियों को सूचना भेज दी। पुलिस की टीम फिल्मी स्टाइल में रेड करने पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
केस-2 : सूत्रों से पता चला है कि दोनों केसों की सूचना एक साथ मिली थी। दूसरी टीम में ASI जसविंदर सिंह, ASI चरणजीत सिंह, ASI बलविंदर सिंह, सिपाही तरनजोत सिंह, लेडी कॉन्स्टेबल शाइया, राजविंदर कौर, सिपाही अमरीक सिंह सहित अन्य मुलाजिमों ने लॉ गेट के पास रेड करनी थी। यहां पर पुलिस ने सिपाही तरनजोत सिंह को ग्राहक बनाकर भेजा।
तरनजोत को सिर्फ हजार रुपए ही दिए गए थे। उसे फोटो दिखाकर लड़कियां पसंद करवाईं। सूचना पुख्ता होने के बाद टीमें वहां पहुंची और विदेशी लड़कियों सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। इस केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी जालंधर के बिलगा के रहने वाले लवित पराशर उर्फ लवित मंडित को बनाया है। पुलिस लवित की तलाश कर रही है।
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में आशीष ने माना है कि वह स्पा सेंटर चलाता था। उसकी एवज में वह साथ साथ देह व्यापार का धंधा कर रहा था। आशीष ने पुलिस को बताया कि वह विदेशी लड़कियों को हमेशा छोटे-2 कपड़े पहनाकर PG में बैठाकर रखते थे। जब भी कोई ग्राहक आता था तो उन्हें तैयार होने के लिए कह दिया जाता था। तैयार होने के लिए उन्हें मेकअप सहित अन्य सामान मुहैया करवाया जाता था। ग्राहक से एक घंटे के हिसाब से पैसे लिए जाते थे। थाना सतनामपुर के SHO जतिंदर सिंह ने बताया कि यह रैकेट 2 से 3 हजार में लड़कियां उपलब्ध करवाते थे। हर ग्राहक को इतने पैसे में एक घंटे तक रुकने का समय दिया जाता था। अगर कोई ज्यादा ऊपर नीचे करे तो उसके लिए अलग से लोकल बदमाश होते थे।


