आज 9वें गुरु, गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में पंजाब सरकार द्वारा इस दिन को बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। दिवस को लेकर 25 नवंबर को देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य राज्यों में छुट्टी की भी घोषणा की गई है। उन्हें निडरता, धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा, अद्वितीय आध्यात्मिक शक्ति और महान बलिदान के लिए जाना जाता है।
गुरु तेग बहादुर को ‘हिंद की चादर’ भी कहा जाता है।बता दें कि श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी स्मारक पर पंजाब विधान सभा का ऐतिहासिक विशेष सेशन बुलाया गया था।इतिहास में पहली बार यह सेशन चंडीगढ़ के बाहर हुआ। श्री आनंदपुर साहिब, तलवंडी साबो और अमृतसर को पवित्र शहर का दर्जा दिया गया।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रस्ताव पढ़ा जिसमें श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग रखी गई, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
इस मौके पर श्री दरबार साहिब के गलियारे को भी पवित्र घोषित किया गया।नवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें प्रकाश पर्व को समर्पित पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही के दौरान संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।श्री दरबार साहिब के गलियारे को भी पवित्र घोषित किया गया। अब इन स्थानों पर कोई भी मीट, शराब, तंबाकू आदि की दुकान नहीं खोली जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही अमृतसर साहिब का गलियारा पहले से ही पवित्र है, लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने इसे विधानसभा में आधिकारिक रूप से पवित्र घोषित नहीं किया था।आज इतिहास में पहली बार विधानसभा गुरु साहिब के चरणों में माथा टेकने आई है। आज सभी ने अपने-अपने तरीके से श्री गुरु तेग बहादुर जी की कुर्बानी को याद किया। कुछ बड़े ऐतिहासिक फैसले की उम्मीद थी। तीन तख्त पंजाब की धरती पर है।
आज एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है कि श्री आनंदपुर साहिब, तलवंडी साबो और अमृतसर (श्री दरबार साहिब) को पवित्र शहरों का दर्जा दिया गया है। इन तीनों शहरों की सीवरेज और सफाई व्यवस्था के लिए विशेष फंड की व्यवस्था की जाएगी।जिक्रयोग्य है कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीन तख्तों वाले शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया गया है, जो लाखों लोगों की मांग थी। इन शहरों में अब नशा, मांस, शराब और तंबाकू नहीं बेचा जाएगा।


