अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर आज पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि, फिलहाल मजीठिया को कोई राहत नहीं मिली है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से यह पक्ष रखा गया कि इस मामले की जांच अभी चल रही है।
इसके बाद, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिए है कि इस केस में लेटेस्ट अपडेट और जांच की वर्तमान स्थिति का एक हलफनामा अदालत में दाखिल किया जाए।इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 तारीख को होगी। सोमवार को पंजाब सरकार अपना जवाब दाखिल करेगी, जिसके बाद अदालत अगला फैसला लेगी।
बता दें कि सीनियर अकाली नेता बिक्रम मजीठिया इस समय नाभा जेल में बंद हैं। उन्हें विजिलेंस ने 25 जून को गिरफ्तार किया था। इसी गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिस पर आज सुनवाई हुई।यह मामला मजीठिया पर दर्ज असमानुपातिक संपत्ति (डिसप्रोपोर्शनेट एसेट्स) के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर 540 करोड़ रुपये की ड्रग मनी को लॉन्डरिंग का इल्जाम लगाया गया है।
मजीठिया की ओर से दलील दी गई है कि यह केस एक ऐसी रिपोर्ट पर आधारित है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पहले रद्द कर दिया था, लेकिन जांच एजेंसी ने फिर से उसी आधार पर एफआईआर दर्ज की। पंजाब सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने तक जमानत नहीं दी जा सकती।मजीठिया की पत्नी हरप्रीत कौर ने भी कोर्ट में अलग से याचिका दाखिल की है, जिसमें जांच में सहयोग के लिए कुछ शर्तों पर जमानत की मांग की गई है।


