NRI SANJH JALANDHAR (8JANUARY)
भारत के बाद अब अमेरिका ने भी चांद पर स्पेसक्राफ्ट भेजा है। लेकिन अमेरिका का स्पेस क्राफ्ट चांद पर पानी तलाशने जा रहा है और वह भी 51 साल बाद। सोमवार देर शाम को अमेरिकी प्राइवेट कंपनी यूनाइटेड लॉन्च अलायंस ने मून मिशन पेरेग्रीन-1 लॉन्च किया। इसे भारतीय समयानुसार दोपहर 12:48 बजे फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से चांद की ओर रवाना किया गया। बता दें कि 51 साल बाद अमेरिका ने स्पेस क्राफ्ट को चांद पर भेजा है। जिसकी साफ्ट लेडिंग नासा के मुताबिक पेरेग्रीन-1 चंद्रमा के मध्य-अक्षांश क्षेत्र 23 फरवरी को करेग

1972 में अमेरिका के अपोलो-17 ने की थी साफ्ट लेडिंग
1972 में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के अपोलो-17 ने सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इसके बाद अमेरिका ने साल 2022 में आर्टिमिस-1 मिशन को चांद पर रवाना किया था। लेकिन वह स्पेसक्राफ्ट चांद पर उतरा नहीं था। आर्टिमिस-1 ने चांद का चक्कर लगाया था। द गार्डियन के मुताबिक, परेग्रीन-1 पर 15 पेलोड लगे हैं। इनमें से 5 नासा के हैं। इनसे चंद्रमा पर पानी के मॉलिक्यूल्स का पता लगाया जाएगा। इसके साथ ही लैंडर के चारों ओर रेडिएशन और गैसों को मापने का काम भी किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि सोलर रेडिएशन का चांद की सतह क्या असर होता है। यह मिशन नासा की कॉमर्शियल लूनर पेलोड सर्विसेज (CLPS) पहल का हिस्सा है। इसका मकसद चंद्रमा के रहस्य खोजना है।



