2026 एशियन गेम्स समाप्त हो चुके हैं, 85 मेडल जीतकर भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. 19 सितंबर-4 अक्टूबर तक जापान में एशियाई खेलों का आयोजन हुआ, जहां भारत को सबसे ज्यादा सफलता एथलेटिक्स में मिली. हालांकि सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल तीरंदाजी में आए. नीरू ढांढा और कुमकुम मोहोद जैसे नाम, खूब सुर्खियों में रहे. नीरू तो क्लोजिंग सेरेमनी में भारतीय दल की ध्वजवाहक भी रही।
एशियन गेम्स में भारत ने 21 गोल्ड सहित 85 पदक जीते. इनमें 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल रहे. सबसे ज्यादा गोल्ड लाने की बात की जाए तो जापान जाकर भारत की बेटियों ने झंडा गाड़ा है, क्योंकि 21 में से 14 गोल्ड मेडल महिला इवेंट्स में आए हैं. नीरू ढांढा और कुमकुम मोहोद दो-दो स्वर्ण पदक जीतकर आई है।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर अपना टाइटल डिफेंड किया. दूसरी ओर महिला क्रिकेट टीम ने भी लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता. टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रनों से हराया.वर्ल्ड चैंपियन को हराना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होती है. कोई महज 17 साल की उम्र में ऐसा कर दे तो कहना ही क्या
17 साल की कुमकुम मोहोद ने दक्षिण कोरिया की वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ी येजिन ओ को हराकर इतिहास रच दियामनु भाकर के लिए शुरू से ही एशियन गेम्स बहुत खराब रहे थे, वो एक भी मेडल नहीं जीत पाईं. ऐसे में नीरू ढांढा ट्रैप शूटिंग में उभर कर सामने आईं और 2 गोल्ड जीत लिए. उन्होंने एशियाई खेलों में कुल 3 मेडल जीते।
दूसरी ओर गोल्फ में भारत ने 24 साल बाद गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने वर्ल्ड नंबर-6 खिलाड़ी चीन की यिन रुओनिंग को हराकर गोल्ड पर निशाना साधा. प्रणवी एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल लाने वाली भारत की पहली गोल्फ महिला एथलीट बनीभारत की महिला हॉकी टीम आखिरी बार 1982 में गोल्ड मेडल जीती थी. उसके बाद 44 साल बीत चुके थे, भारत की महिला हॉकी टीम 2 बार फाइनल तक भी गई लेकिन गोल्ड मेडल जीतने का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा था
आखिरकार 2026 में टीम इंडिया ने चीन को 1-0 से हराकर एशियन गेम्स गोल्ड का स्वाद चखा. वहीं लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने गोल्डन पंच लगाया.कुल मिलाकर देखें तो एशियन गेम्स में भारत की महिला एथलीट 47 मेडल जीतकर लाई हैं. 38 मेडल महिला प्रतियोगिताओं में आए हैं, जबकि 9 मेडल भारत की महिला एथलीट्स ने मिक्स्ड इवेंट्स में जीते हैं. जबकि पुरुष वर्ग में खिलाड़ियों ने 38 मेडल जीते।


