पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को 15 दिनों के अंदर 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने का आदेश दिया है। कर्मचारी 2023 से डीए भुगतान में देरी होने से परेशान थे। अदालत से लिखित आदेश की अभी भी प्रतीक्षा है। हालांकि, पंजाब सरकार डीए भुगतानों का लगातार विरोध कर रही है और अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकती है।
एडवोकेट सनी सिंगला ने कहा कि अदालत ने फैसला सुनाया है कि अगर इस महीने के अंत तक भुगतान नहीं किया जाता तो सरकार को 6% ब्याज भी देना पड़ेगा। सरकार ने अदालत में दलील दी कि उसने 18-06-2021 की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया है। हालांकि, 18-02-2025 के तहत एक योजना पेश की गई है। सरकार ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार हाई-पे मास्टर है, इसलिए कर्मचारियों को डीए की जरूरत नहीं है।
एडवोकेट ने समझाया कि डीए भी 01-01-2016 से रोका गया है। अदालत ने आदेश दिया कि इसे इस महीने जारी किया जाए। मुख्य सचिव को रजिस्ट्री को एक अनुपालन रिपोर्ट जमा कराने का भी आदेश दिया गया था। सरकार को यह भी हिदायत की गई थी कि वह अतिरिक्त खर्च न करे।
इस मौके पर, कर्मचारी यूनियन के वकील, सनी सिंगला ने कहा कि उन्होंने दलील दी थी कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने के लिए जिम्मेदार है। सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने दलील दी कि वह पहले से ही कर्मचारियों को हाई पे स्केल देती है।


