पंजाब रोडवेज़, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने पंजाब सरकार पर ठेका कर्मचारियों (कच्चे मुलाजिमों) को स्थायी (पक्का) करने के वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है। यूनियन ने कहा कि सरकार के साथ कई बैठकें और भरोसा दिलाए जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस नीति लागू नहीं की गई।
यूनियन नेताओं ने बताया कि परिवहन विभाग में बड़ी संख्या में कर्मचारी कई सालों से कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी नहीं किया गया है और कई अन्य मांगें भी लंबे समय से अधूरी पड़ी हुई हैं।यूनियन का कहना है कि विभाग में ड्राइवरों और कंडक्टरों समेत अन्य पदों की भारी कमी है, लेकिन नई भर्ती नहीं की जा रही है। साथ ही EPF, ESI, वेतन और अन्य सेवा संबंधी मुद्दे भी अभी तक हल नहीं हुए हैं।
यूनियन ने आरोप लगाया कि सरकार ने 2022 के बाद कई बार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के ऐलान किए, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।यूनियन ने ऐलान किया कि 27 जुलाई 2026 को पूरे पंजाब में रोष प्रदर्शन किया जाएगा। अगर इसके बाद भी सरकार ने मांगें नहीं
मानीं तो 3, 4 और 5 अगस्त 2026 को पंजाब रोडवेज़, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारी राज्य स्तरीय हड़ताल करेंगे।यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार फिर भी कोई फैसला नहीं लेती तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा, जिसकी ज़िम्मेदारी पंजाब सरकार और परिवहन विभाग की होगी।


