“सतलुज” के बाद एक और पंजाबी फिल्म “चढ़दीकला” विवादों में फंस गई है, और मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। फिल्ममेकर ने सेंसर बोर्ड के फिल्म को सर्टिफिकेट देने से मना करने को हाई कोर्ट में चैलेंज किया है।हाई कोर्ट ने 31 जुलाई तक फिल्म की स्क्रिप्ट और सेंसर बोर्ड की रिव्यू कमिटी के पूरे रिकॉर्ड जमा करने का ऑर्डर दिया है।
कहा जा रहा है कि यह फिल्म इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह की पत्नी बिमल कौर खालसा की ज़िंदगी से इंस्पायर्ड है। यह फिल्म 26 मई को दुनिया भर में रिलीज़ हुई थी, लेकिन सेंसर बोर्ड इसे भारत में रिलीज़ करने की इजाज़त नहीं दे रहा है।प्रोडक्शन कंपनी MAD4FILMS के मालिक और फिल्म के प्रोड्यूसर गुरकरण सिंह धालीवाल ने हाई कोर्ट को बताया कि फिल्म 29 मई, 2026 को इंटरनेशनल लेवल पर रिलीज़ होनी थी,
लेकिन सेंसर बोर्ड ऑफ़ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इसे सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया है। फिल्ममेकर ने पहले भी सेंसर बोर्ड की फिल्म को सर्टिफ़ाई करने में हुई देरी के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में पिटीशन फाइल की थी।2 जुलाई को हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को फिल्म का रिव्यू करने के लिए एक कमेटी बनाने का आदेश दिया था। इसके बाद, 14 जुलाई को बोर्ड की रिव्यू कमेटी ने फिल्म को सर्टिफ़ाई करने से मना कर दिया। बोर्ड ने यह भी नहीं बताया कि उसे फिल्म के किस सीन या डायलॉग पर आपत्ति है।


