Wednesday, September 16, 2026

Google search engine
Homeनेशनलकेंद्र सरकार ने 2000 रुपये तक के UPI और RuPay ट्रांजैक्शन पर...

केंद्र सरकार ने 2000 रुपये तक के UPI और RuPay ट्रांजैक्शन पर कोई भी फीस न लेने का निर्देश

केंद्र सरकार ने 2000 रुपये तक के यूपीआई और RuPay ट्रांजैक्शन पर कोई भी फीस न लेने का निर्देश जारी किया है. मगर 2000 रुपये से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर फीस देने होगी. सरकार के इस निर्देश के बाद घमासान शुरू हो गया है. कांग्रेस केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने सरेंडर कर रहे है।

”मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है. अब 2,000 रुपये से ऊपर के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है. इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है. सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फीस नहीं ली जाएगी लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस आखिर आएगी कहां से?

कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से.”’अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं. अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है. यूएस ट्रेड डील की तरह ही, Compromised पीएम मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने सरेंडर कर रहे हैं.।

””कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए पोस्ट शेयर किया था. इस पोस्ट को बीजेपी नेता अमित मालवीय ने फेक बताया है. उन्होंने लिखा, 2,000 रुपये से ऊपर UPI पर 0.5% टैक्स? कांग्रेस का दावा पूरी तरह झूठा है. 5,000 रुपये के भुगतान पर 25 रुपये और 10,000 रुपये पर 50 रुपये वसूले जाएंगे, ऐसा कोई सरकारी आदेश, टैक्स या कंज्यूमर चार्ज नहीं है।

.””14 सितंबर की अधिसूचना ने सिर्फ 2,000 तक के यूपीआई और RuPay ट्रांजैक्शन पर जीरो-चार्ज प्रोटैक्शन को स्पष्ट किया है. 2,000 रुपये से ऊपर के यूपीआई पेमेंट्स पर 0.5% चार्ज तय नहीं किया गया है और सबसे अहम बात, यूपीआई यूजर्स से कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा है. Person-to-person UPI transactions किसी भी राशि पर फ्री हैं. सरकार ने साफ किया है कि यदि भविष्य में MDR लाया भी जाता है, तो वह सीमित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर होगा, कंज्यूमर पर नहीं.

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments