सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. सोमवार, 20 जुलाई को बीएसई सेंसेक्स 650 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,200 के नीचे फिसल गया. शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली. सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों पर रहा।
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं. सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. इस तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. इसके अलावा विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाया।
सोमवार को बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली. कुछ बड़े बैंकों के पहली तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, जिसके चलते निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली की. इसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर पड़ा
ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिसका असर कंपनियों के मुनाफे और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।
बाजार पर दबाव की एक और वजह रुपये में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी रही. ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाते हैं, जिससे शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ जाती है।


