अमेरिका और ईरान हालिया सैन्य झड़पों के बाद एक-दूसरे पर हमले रोकने के लिए तैयार हो गये हैं। 30 जून को दोनों देशों के बीच कतर में हाई लेवल मीटिंग होगी। इस बैठक का मकसद सीजफायर को बनाए रखने के लिए प्रयास करना है, इसकी वजह है कि बीते कई दिनों से दोनों के बीच सैन्य झड़पों की खबरें सामने आई थीं, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा था।
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, यूएस और ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बातचीत जारी रहने के दौरान किसी तरह की सैन्य गतिविधियों को अंजाम नहीं देंगे. 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच 11 दिन पहले अंतरिम समझौता हुआ था. हालांकि, डील में शामिल मुद्दों को लेकर दोनों के बयान में अंतर देखने को मिला था. इससे सीजफायर पर सस्पेंस पैदा हुआ था।
यूएस-ईरान के बीच तनाव के बीच अब दोनों पक्षों के दोहा में मीटिंग होने की उम्मीद है, जिससे समझौते को और मजबूत क्या जा सके और किसी अन्य सैन्य टकराव को रोका जा सके
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के नए हवाई हमलों के बाद ईरान ने रविवार (28 जून) को बहरीन और कुवैत को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले फिर से शुरू किए थे, साथ ही धमकी दी थी कि अगर वाशिंगटन अपने हमले जारी रखता है तो युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा।


