ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बावजूद कूटनीतिक बातचीत का सिलसिला जारी है।ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा है कि दोनों देशों के बीच पाकिस्तान के जरिए लगातार संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है और तेहरान अमेरिका के ताजा रुख की समीक्षा कर रहा है।सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी टीवी को दिए इंटरव्यू में इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच कई बार संदेश भेजे और प्राप्त किए गए है।
उन्होंने कहा कि ईरान हर मोर्चे पर युद्ध खत्म करने पर ध्यान दे रहा है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। इसके लिए ईरान की कुछ स्पष्ट मांगें हैईरान ने मांग की है कि उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को रिलीज किया जाए। साथ ही अमेरिका की ओर से ईरानी जहाजों के खिलाफ कथित “समुद्री लूट” और दुश्मनी भरी कार्रवाइयों को रोका जाए
बाघेई ने कहा कि ईरान ने कूटनीतिक प्रक्रिया में ईमानदारी और गंभीरता के साथ हिस्सा लिया है, लेकिन पिछले 18 महीनों के “बहुत खराब” रिकॉर्ड के कारण उसे वॉशिंगटन पर गहरा अविश्वास हैईरानी वार्ता टीम के करीबी सूत्रों के हवाले से अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बताया कि ईरान की ओर से तीन दिन पहले 14-सूत्रीय प्रस्ताव दिए जाने के बाद अमेरिका ने तेहरान को नया ड्राफ्ट प्रस्ताव भेजा है। रिपोर्ट के अनुसार मध्यस्थ इस समय तेहरान में मौजूद है और दोनों पक्षों के मसौदों को करीब लाने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि अभी तक किसी भी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया हैयुद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत कर दी थी और इजरायल तथा अमेरिका से जुड़े जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी. इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने इस समुद्री मार्ग पर नौसैनिक नाकेबंदी कर दी, जिससे ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो गई।


