ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू हुई। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से यह तेहरान की ओर से पहला हाईलेवल राजनयिक दौरा है। अराघची मुख्य रूप से गुरुवार से शुरू होने वाली ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में भाग लेने के लिए भारत आए है।
ईरान के विदेश मंत्री अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट पर केंद्रित व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।सूत्रों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान भारतीय पक्ष रणनीतिक जलमार्ग से शेष व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर जोर दे सकता है।अराघची और ब्रिक्स सदस्य देशों के अन्य विदेश मंत्री गुरुवार (14 मई) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नयी दिल्ली पहुंचने पर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का हार्दिक स्वागत है। पश्चिम एशिया में बढ़ता संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर इसके प्रभाव ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में प्रमुख चर्चा के विषय रह सकते हैं. ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा भारत, सितंबर में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले इस बैठक की मेजबानी कर रहा है।


