वारिस पंजाब के नेता और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।अदालत ने अमृतपाल सिंह की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली बेंच ने खुले अदालत में फैसला सुनाते हुए कहा कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ जारी हिरासत आदेश स्पष्ट और कानूनी रूप से सही हैं।
इसलिए यह न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं आते।अमृतपाल सिंह की तरफ से दी गई दलीलें:उनकी हिरासत मनमानी है।यह संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के तहत मिलने वाले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।वे एक समाज सुधारक के रूप में नशा विरोधी मुहिम चला रहे थे।उनके भाषण सिख मूल्यों पर आधारित थे, न कि किसी हिंसक या अलगाववादी विचारधारा पर।
पंजाब सरकार की तरफ से पेश वकील का बचाव:अमृतपाल सिंह के खतरनाक आतंकवादियों और गैंगस्टरों से संबंध हैं।उनके साथ एक 15 सदस्यीय ‘हिट लिस्ट’ भी जुड़ी हुई है, जिससे जन सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।इसलिए यह हिरासत गंभीर सुरक्षा खतरे को देखते हुए जरूरी थी।
सारी दलीलें सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जन सुरक्षा और देश की अखंडता को ध्यान में रखते हुए लिया गया फैसला बिल्कुल सही है। अदालत ने यह भी खारिज कर दिया कि हिरासत सिर्फ पुरानी FIRs पर आधारित है। केंद्र सरकार ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा।


