पंजाब पुलिस के सस्पेंड डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर द्वारा दायर जमानत याचिका पर शुक्रवार को चंडीगढ़ की सी.बी.आई. अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें सी.बी.आई. ने अपना जवाब दाखिल किया। सुनवाई के दौरान भुल्लर के वकील एस.पी.एस. भुल्लर ने कहा कि सी.बी.आई. द्वारा दर्ज केस में समय, तारीख या स्थान का जिक्र नहीं है।
इसके अलावा दस्तावेजों में बताई गई रिश्वत की रकम का भी सही विवरण नहीं है। इसमें पहले एक लाख और फिर चार लाख रुपये का जिक्र है। भुल्लर के वकील ने कहा कि सेवा-पानी का मतलब रिश्वत नहीं है।
इसके बाद सी.बी.आई. के वकील नरिंदर सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि भुल्लर के खिलाफ जो केस दर्ज किया गया है, वह गैर-जमानती है। भुल्लर पुलिस की एक बड़ी पोस्ट पर तैनात थे। इसलिए पहले ही उनके खिलाफ सभी सबूत इकट्ठे करने शुरू कर दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि भुल्लर द्वारा विचौलिए को भेजे गए मैसेज से साफ पता लगता है कि रिश्वत मांगी जा रही थी।16 अक्तूबर को हुई थी भुल्लर की गिरफ्तारी बता दें कि सी.बी.आई. ने 16 अक्तूबर को हरचरण सिंह भुल्लर को मोहाली में उनके दफ्तर से गिरफ्तार किया था।
सी.बी.आई. ने पहले विचौलिए कृष्णू शारदा को गिरफ्तार किया। उसके बाद भुल्लर को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद भुल्लर ने सी.बी.आई. अदालत में जमानत की अर्जी दी है।


