पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अनुशासनहीनता और पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में कई नेताओं को संगठन से निकाल दिया है। जिन नेताओं के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, उन पर लंबे समय से पार्टी की लाइन के खिलाफ काम करने और स्थानीय स्तर पर गुटबाजी को बढ़ावा देने का आरोप है।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि संगठन की मजबूती बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्रवाई के बाद जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या नेता पार्टी के हितों से ऊपर नहीं है। संगठन के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कार्यकर्ता या नेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई पर पंजाब कांग्रेस के भीतर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां चन्नी के समर्थकों का कहना है कि आने वाली राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था,
वहीं निकाले गए नेताओं के समर्थकों में असंतोष का माहौल है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चन्नी का यह कड़ा कदम पंजाब कांग्रेस के भीतर सत्ता के संतुलन को प्रभावित कर सकता है और भविष्य में राज्य की राजनीतिक स्थिति में बड़े बदलाव ला सकता है।


