पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह फैसला 4 दिसंबर 2025 को सुनाया गया, जिससे मजीठिया को अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का विकल्प बचा है। हालांकि, इस मामले में अभी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन कोर्ट की वेबसाइट पर याचिका को “खारिज” दिखाया गया है।
मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वह पिछले लगभग पांच महीनों से जेल में हैं। यह मामला आय से अधिक संपति और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें उन पर 700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति रखने का आरोप है, जो उनकी घोषित आय से 1,200% अधिक बताई जा रही है।
यह राशि कथित तौर पर 2013 के एक ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ी कही जा रही है। पंजाब सरकार ने अक्तूबर 2025 में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में अभियोजन की मंजूरी दी थी। मजीठिया ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान, मजीठिया के वकीलों ने समय मांगा था ताकि वह सरेंडर कर सकें, लेकिन याचिका खारिज हो गई।


