पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनावों की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इस प्रदर्शन में छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें हुई। मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर सड़कें पूरी तरह बंद कर दी गई , जिससे ट्रैफिक जाम और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में सीनेट सुधारों से जुड़ी अपनी अधिसूचना को वापस ले लिया है, लेकिन छात्र फिर भी चुनावों की तत्काल घोषणा की मांग पर अड़े हुए है।पंजाब यूनिवर्सिटी का सीनेट टर्म पिछले साल समाप्त हो चुका था, लेकिन चुनावों की कोई घोषणा नहीं हुई। केंद्र सरकार ने 28 अक्तूबर 2025 को जारी अधिसूचना (S.O. 4933(E)) के जरिए सीनेट को नामांकित निकाय बनाने की कोशिश की, जिसे पंजाब सरकार ने “असंवैधानिक” बताते हुए अदालत में चुनौती दी।
10 नवंबर को शिक्षा मंत्रालय ने इस अधिसूचना को रद्द कर दिया (S.O. 5022(E)), लेकिन छात्र संगठनों ने इसे “धीमा करने की चाल” करार देते हुए प्रदर्शन जारी रखा। छात्रों ने 10 नवंबर को “पीयू बचाओ मोर्चा” के तहत यूनिवर्सिटी का पूरा शटडाउन करने का ऐलान किया था।छात्रों ने पीजीआई (पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) के गेट नंबर 1 को तोड़ दिया और अंदर घुसने की कोशिश की।
चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने गेट पर चढ़कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्र नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने बैरिकेड तोड़ने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया। वीडियो फुटेज में छात्र और पुलिस के बीच धक्कमुक्की साफ दिखाई दे रही है। मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर (संयुक्त किसान मोर्चा) के नेतृत्व में किसानों ने फेज 6 पर पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और चंडीगढ़ की ओर मार्च शुरू कर दिया।


