न्यूयार्क को अपना नया मेयर मिल गया है। 4 नवंबर को जब मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें लगीं, तो ये शहर अपना 111वां मेयर चुन रहा था। नतीजे आते ही एक नाम गूंज उठा- जोहरान क्वामे ममदानी। 34 साल के इस युवा विधायक ने न सिर्फ पूर्व गवर्नर एंड्रूयू कुओमो को हराया, बल्कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कर्टिस स्लिवा को भी पीछे छोड़ दिया।
जोहरान दुनिया के सबसे बड़े और रईस शहर के पहले मुस्लिम मेयर बने जोहरान बहुधार्मिक हैं, यानी पिता महमूद ममदानी मुसलमान, मां मीरा नायर हिंदू और पत्नी कायला सैंटोसुओसो अमेरिकी ईसाई है। इसलिए जोहरान ने मेयर चुनाव जीतकर भारत को बड़ी सीख दी है।ममदानी ने पूरे कैंपेन में सिर्फ एक बात पर फोकस किया कि न्यूयॉर्क बहुत महंगा हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम है लोगों की जिंदगी आसान बनाना।
उनके रैलियों में लगे बैनर पर नारे लिखे थे कि एक शहर जो हम अफोर्ड कर सकें और सस्ता घर बनाओ। राजनीति में ज्यादातर वक्त बातें घुमा-फिराकर कही जाती हैं, लेकिन ममदानी ने बिल्कुल साफ बात की।उन्होंने खुलकर कहा कि अमीरों पर टैक्स लगाओ, बच्चों की देखभाल बढ़ाओ और घर को हक बनाओ।ममदानी ने कैंपेन में कहा, ‘ये शहर मजदूरों का है, न कि 1% अमीरों का.’।


