NRI SANJH JALANDHAR (22 SEPTEMBER)
युवाओं को नशे से दूर रखना ही भारत की आत्मा को प्रकाशमय करने का सच्चा मार्ग है।यह प्रेरणादायक संदेश सर्व धर्म ख़्वाजा मंदिर के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड (SIB) नॉर्थ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सूफ़ी राज जैन (गुरु जी) ने “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत सेवा पखवाड़ा के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में दिया।

यह कार्यक्रम Ministry of Youth Affairs & Sports के संगठन MY Bharat के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। डॉ. सूफ़ी राज जैन जी के विचार
• नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि आत्मा को भी अंधकारमय कर देता है।
• “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्” – जब तक शरीर स्वस्थ नहीं होगा, तब तक धर्म और कर्म दोनों अधूरे रहेंगे।

• स्वदेशी का अर्थ केवल देशी वस्तुओं का उपयोग नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी, अपनी मेहनत और अपने संसाधनों का सम्मान करना भी है।
• मंदिर की घंटियाँ तभी पावन मानी जाएँगी जब समाज नशा मुक्त होगा, और आरती का दीपक तभी जगमगाएगा जब हर घर में स्वदेशी का दीप प्रज्वलित होगा।

इस अवसर पर डॉ. सूफ़ी राज जैन जी के साथ भगवती उपासक एवं खादिमा-कनीज़-ए-सकीना श्रीमती दिव्या, महासचिव, सर्व धर्म ख़्वाजा मंदिर भी उपस्थित रहीं। गुरु माता ने सभी उपस्थित जनों के उत्तम स्वास्थ्य और सफलता की दुआ की।सभी अतिथियों एवं आयोजकों ने यह संकल्प लिया कि –
• समाज को नशे से मुक्त बनाने हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
• युवा शक्ति को सही दिशा देकर राष्ट्र को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के पथ पर आगे बढ़ाया जाएगा।
• “नशा छोड़ो – स्वदेशी अपनाओ” यही विकसित भारत की नींव है।कार्यक्रम के अंत में श्रीमती मंजीत कौर, ए.आई.जी., जालंधर क्राइम ब्रांच ने इस आयोजन की विशेष सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को प्रेरित करने के लिए डॉ. सूफ़ी राज जैन जी के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने गुरु जी को ऐसे सामाजिक और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बधाई दी।


