Friday, June 5, 2026

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ट्रंप की टैरिफ चेतावनी से हिला अमेरिकी शेयर बाजार, बिकवाली का दबाव, अब भारत पर पड़ सकता है असर!

NRI SANJH JALANDHAR (24 MAY)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की एक बार फिर से टैरिफ नीति को लेकर सख्त रुख सामने आया है. उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) पर 50% आयात शुल्क लगाने की धमकी दी है, जिसका असर शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला. बाजार खुलते ही निवेशकों के बीच घबराहट फैल गई और प्रमुख सूचकांकों ने बड़ी गिरावट के साथ कारोबार शुरू किया.

अमेरिकी समयानुसार सुबह 9:35 बजे तक, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 366 अंकों की गिरावट आई, जो लगभग 0.9% थी. इसी तरह S&P 500 इंडेक्स भी 0.9% टूट गया, जबकि टेक कंपनियों पर आधारित नैस्डैक कंपोजिट में 1.2% की गिरावट दर्ज की गई।

ट्रुथ सोशल पर आया ट्रम्प का तीखा बयान

शेयर बाजार खुलने से ठीक पहले ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार वार्ता किसी नतीजे तक नहीं पहुंच रही है. यदि स्थितियां नहीं बदलीं तो हम 1 जून से 50% टैरिफ लागू करेंगे. ट्रम्प की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था वैश्विक व्यापार में स्थिरता की दिशा में प्रयासरत है.

यूरोपीय बाजारों में भी हाहाकार

ट्रम्प की धमकी का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा. फ्रांस का CAC 40 इंडेक्स दिन में 2.7% तक लुढ़क गया. इससे यूरोपीय बाजारों में भी हलचल मच गई, जो दिन की शुरुआत में स्थिरता की उम्मीद कर रहे थे.

एप्पल पर सीधा हमला, स्टॉक टूटा

ट्रम्प ने अपनी पोस्ट में खास तौर पर एप्पल का नाम लिया और कहा कि यदि कंपनी अमेरिका के बाहर iPhone बनवाती है, तो उसे 25% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. इसके बाद एप्पल के शेयरों में 2.2% की गिरावट दर्ज की गई, और यह S&P 500 का टॉप लूज़र बन गया.

कॉरपोरेट जगत को ट्रम्प की चेतावनी

ट्रंप पहले भी अमेरिकी कंपनियों पर खुलकर टिप्पणी करते रहे हैं. उन्होंने वॉलमार्ट को भी आड़े हाथों लिया था, जब कंपनी ने चीन से आयात महंगा होने की बात कहकर कीमतें बढ़ाने की चेतावनी दी थी. ट्रम्प ने कहा था, “अगर तुम चीन से सामान मंगाते हो तो टैरिफ की मार भी झेलनी पड़ेगी.”

अब निगाहें भारत पर

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ेगा. भारतीय शेयर बाजार की अगली चाल इस अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी.

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