NRI SANJH JALANDHAR (14 MAY)
पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध पर अबतक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। भारत के खिलाफ पाक के ड्रोन अटैक (Drone Attacks) को तुर्की के सैनिक ऑपरेट कर रहे थे। एक सूत्र के मुताबिक, पाकिस्तान में मौजूद तुर्की के सैन्यकर्मी भारत के खिलाफ ड्रोन हमलों में शामिल थे। इस खुलासे ने भारत-पाकिस्तान की लड़ाई में तुर्की की संलिप्ततता को फिर से उजागर किया है।
बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चली लड़ाई में दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार अलग-अलग हमलों में कुल 350 से अधिक टर्किश ड्रोन्स का इस्तेमाल हुआ था। पाकिस्तान ने भारी मात्रा में तुर्की के दिए ड्रोन्स का इस्तेमाल किया था।
पाकिस्तान ने कथित तौर पर भारत के खिलाफ टीबी2 ड्रोन्स और YIHA ड्रोन्स का इस्तेमाल किया था। ये ड्रोन्स तुर्की निर्मित थे। माना जाता है कि इन ड्रोनों का इस्तेमाल लक्ष्य निर्धारण और खुद को नष्ट कर दुश्मन को नुकसान पहुंचाने के लिए जाता है।
वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन भी पूरे तनाव के दौरान पाकिस्तान के साथ खड़े दिखे। भारत के एयरस्ट्राइक में पाकिस्तानी आतंकियों की मौत की खबर आने के बाद सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था, ‘हम इस बात को लेकर फिक्रमंद हैं कि पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव मिसाइल हमलों के कारण व्यापक संघर्ष में बदल सकता है। इसके कारण बड़ी संख्या में नागरिक शहीद हो सकते हैं। मैं हमलों में अपनी जान गंवाने वाले हमारे भाइयों के लिए अल्लाह से रहम की प्रार्थना करता हूं, और मैं एक बार फिर पाकिस्तान के भाई जैसे लोगों और पाकिस्तान के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। एर्दोगन ने बताया कि इस तनाव के बीच उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात की है।
तुर्किए के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए अपनी पोस्ट में आगे कहा, ‘हम जम्मू-कश्मीर में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के संबंध में अंतरराष्ट्रीय जांच कराने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को सही मानते हैं। कुछ लोग आग में घी डालने का काम कर रहे हैं लेकिन तुर्किए तनाव कम करने और बातचीत के रास्ते खोलने का पक्षधर है। इससे पहले कि मामला हाथ से निकल जाए, हम बातचीत शुरू कराने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।


