NRI SANJH JALANDHAR (29 February)
लोकसभा चुनाव में इंडिया एलायंस का हिस्सा बने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के लिए पंजाब में अजीब हालात पैदा हो गए हैं। चंडीगढ़ की सरहद के इस पार कांग्रेसी आप के साथ हैं और सरहद पार करते ही कट्टर दुश्मन। वीरवार को अजीब स्थिती तब बन गई जब पंजाब के सीएम भगवंत मान ने अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल के होटल सुखविलास को लेकर सनसनी खेज खुलासे किए।
उम्मीद थी कि अकाली दल इसका माकूल जवाब देगा। मगर इसका जवाब अकाली दल के बजाय कांग्रेस से आया। कांग्रेस ने एक्स पर वीडियो शेयर की जिसमें केजरीवाल को निशाना बनाया गया। हालांकि अकाली दल ने भी शाम को आप नेता और विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह रंधावा के करीबी को लेकर एक वीडियो शेयर की।
ये इत्तेफाक था या प्लानिंग इसके बारे में कह तो नहीं सकते। सीएम भगवंत मान ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि- सुखविलास को बनाने में बहुत अनियमितताएं बरती गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुख विलास को बनाने के लिए बादल सरकार नई पालिसी लेकर आई। होटल को दस साल तक कई सब्सिडीयं दी गई हैं। जिसकी कीमत उन्होंने करोड़ों रुपए में बताई। इस प्रेस कांफ्रेंस के कुछ देर बाद पंजाब कांग्रेस के एक्स पेज पर एक वीडियो शेयर की गई जिसमें दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को कामचोर कहा गया। वीडियो में पंजाब में नशे और दिल्ली में यमुना का मुद्दा उठाया गया।
पंजाब की राजनीतिक खिचड़ी
पंजाब की राजनीति में नया रंग देखने को मिल रहा है। इंडिया गठबंधन के घटक दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, गोवा व गुजरात में समझौता है, लेकिन पंजाब में दोनों पार्टियां अलग-अलग लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी। दोनों पार्टियों ने पंजाब में गठबंधन नहीं करने का फैसला खासा सोच-समझ कर किया है। कांग्रेस पंजाब में विपक्ष की भूमिका नहीं गंवाना चाहती है। कांग्रेस की रणनीति है कि पंजाब में सरकार विरोधी वोट दूसरी पार्टी को न जाकर उन्हें ही पड़ें।
पार्टी के रणनीतिकारों का अनुमान है कि कांग्रेस और आप अगर मिलकर पंजाब में लड़ते तो सरकार की एंटी इनकंबेंसी का लाभ अकाली या भाजपा को होता। जबकि अलग-अलग लड़ने से सत्ताविरोधी वोट दो हिस्सों में बंटेगा। वो भी तब जब अकाली दल और भाजपा गठबंधन हो जाएगा, क्योंकि किसान आंदोलन के कारण अभी तक दोनों पार्टियों का गठबंधन नहीं हो सका है।
अगर दोनों पार्टियों का गठबंधन नहीं होता है तो वोट तीन हिस्सों में बंटेगा। क्योंकि आम आदमी पार्टी पंजाब में सत्ता में है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी।कांग्रेस हाईकमान ने एक तीर से दो निशाने किए है। पंजाब में आप के साथ गठबंधन नहीं करके सरकार ने न सिर्फ अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं को साधा बल्कि वह एंटी इनकंबेंसी वोट को भी अपने पाले में डालने की कोशिश करेगी।


