NRI SANJH JALANDHAR (23 January)
अयोध्या में प्रभु रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से कई विपक्षी दलों ने ये कहकर दूरी बनाए रखी कि ये बीजेपी का कार्यक्रम हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती भी न तो इस समारोह में शामिल हुईं और न ही कोई प्रतिक्रिया दी। राम मंदिर को लेकर बसपा सुप्रीमो की खामोशी के बीच अब उनके भतीजे आकाश आनंद की राम मंदिर को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है। आकाश आनंद ने कहा कि सिर्फ प्रोटोकॉल में प्रधानमंत्री को सर्वोच्च रखने के लिए समारोह में
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नहीं बुलाया गया।
आकाश आनंद ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नहीं बुलाने बीजेपी सरकार की बड़ी गलती बताया और कहा कि बीजेपी ने राष्ट्रपति को इस समारोह में न बुलाकर गलती की है। मायावती के भतीजे ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर कहा, ’22 जनवरी 2024 की तारीख भारत के इतिहास में दर्ज हो गई है, और बेहतर होता कि आदिवासी समाज से आने वाली देश की राष्ट्रपति आदरणीय द्रौपदी मुर्मू जी भी कार्यक्रम में मौजूद रहती, सिर्फ प्रोटोकॉल में प्रधानमंत्री को सर्वोच्च रखने के लिए बीजेपी की सरकार ने बड़ी गलती कर दी।
प्राण प्रतिष्ठा में शामिल नहीं हुईं मायावती
दरअसल बसपा सुप्रीमो मायावती को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्योता दिया गया था, बसपा सुप्रीमो ने भी न्योता मिलने की बात कही थी लेकिन, मायावती इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं. हालांकि उन्होंने तब ये ज़रूर कहा था कि बसपा धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। हम सबका स्वागत करते हैं, अगर मैं व्यस्त नहीं हुई तो कार्यक्रम में शामिल भी हो सकती हूं। इस साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि अगर बाबरी मस्जिद को लेकर भी समारोह होता है तो वो उसका भी स्वागत करती हैं।
बता दें कि आकाश आनंद को बसपा सुप्रीमो ने अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। आकाश अक्सर सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहते हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती उन पर काफ़ी भरोसा करती है। इससे पहले भी जब दिल्ली में संसद का उद्घाटन हुआ था, तब भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उस कार्यक्रम में नहीं बुलाने को लेकर कई तरह के सवाल उठाए गए थे।


