बाजार में रोक दी पंतजलि ने इन 14 दवाओं की बिक्री

NRI SANJH JALANDHAR (10 JULY)

Advertisement
Google search engine

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने बाजार में अपने 14 प्रोडक्ट्स की बिक्री रोक दी है। उत्तराखंड ने अप्रैल में इन प्रोडक्ट्स के मेन्युफैक्चरिंग लाइसेंस सस्पेंड किए थे। पतंजलि ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इसकी जानकारी दी। कंपनी ने जस्टिस हिमा कोहली और संदीप मेहता की बैंच को बताया कि लाइसेंस रद्द होने के बाद 5,606 फ्रेंचाइजी स्टोर्स को 14 प्रोडक्ट्स वापस लेने का निर्देश दिया गया है।

साथ ही मीडिया प्लेटफाम्र्स से भी प्रोडक्ट्स के विज्ञापन वापस लेने का निर्देश दिया है। बैंच ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को दो सप्ताह के भीतर एक एफिडेविट दायर करने का निर्देश दिया है। इसमें कंपनी को बताना है कि क्या सोशल मीडिया को-आर्डिनेटर्स ने इन प्रोडक्ट्स के विज्ञापन हटाने के उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और उन्होंने विज्ञापन वापस ले लिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 30 जुलाई को होगी।

इन दवाओं पर बैन

एक रिपोर्ट के अनुसार दिव्य फार्मेसी की जिन दवाओं पर उत्तराखंड सरकार ने बैन लगाया है, उनमें श्वासारि गोल्ड, श्वासारि वटी, ब्रोंकोम, श्वासारि प्रवाही, श्वासारि अवलेहा, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर, लिपिडोम, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, बीपी ग्रिट, मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर और पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप शामिल हैं।

Advertisement
Google search engine