NRI SANJH JALANDHAR (6 March)
शुभकरण सिंह की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अहम खुलासे हुए हैं। पांच डॉक्टरों की एक टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शुभकरण की सिर से कई छर्रे बरामद हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शुभकरण की कुछ ही मिनटों के अंदर मृत्यु हो गई थी।
21 फरवरी को हुई थी मौत
सरकारी राजिंदरा अस्पताल के सूत्रों के अनुसार पुलिस ने डॉक्टरों को रिपोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में सौंपने के लिए कहा था। आपको बता दें कि 21 फरवरी को हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर खनौरी के पास उसकी मौत हुई थी। किसानों ने उसे शहीद का दर्जा दिया है। सरकार से भी लगातार शहीद का दर्जा देने की मांग की है। पंजाब सरकार ने इसकी घोषणा भी कर दी है।
किसानों ने आरोप था कि हरियाणा पुलिस ने विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ रबर की गोलियों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद शुभकरण की कुछ ही मिनटों के अंदर मृत्यु हो गई थी।
सिर में पाई गई दो चोटें
रिपोर्ट में कहा गया है कि शुभकरण की सिर में दो चोटें पाई गईं। उनमें से एक उसके लिए घातक साबित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक माथे के दोनों गोलार्धों से कई गोल छर्रे बरामद किए गए हैं। घाव के आसपास के बाल और त्वचा और कटे हुए बालों को एक जार में सील कर दिया गया है। आईओ को जीएसआर (बंदूक की गोली के खोल) और बैलिस्टिक राय के लिए सौंप दिया गया है।
आपको बता दें कि शिरोमणि अकाली दल ने सोमवार शुभकरण सिंह की हत्या के मामले में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज, राज्य के डीजीपी और अन्य सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने विधानसभा में कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को किसानों और उनकी मांगों का समर्थन करना चाहिये और यह सुनिश्चित करना चाहिए।
अयाली ने किसानों की मांगों को बहुत वास्तविक बताया और कहा कि किसान उच्च लागत और खाद्यान्न के लिये दिए गए कम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को देखते हुए लोन माफी के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह किसानों को उत्पादन की लागत से अधिक 50 प्रतिशत मुनाफा सुनिश्चित करने के लिये एमएसपी तय करने का स्वामीनाथन फार्मूला भी लागू किया जाना चाहिये। उन्होंने केंद्र से यह भी आग्रह किया कि दो साल से अधिक समय पहले जब किसानों ने अपना आंदोलन उठाया था, तब उन्हें दिये गये आश्वासन के अनुसार एमएसपी प्रणाली को कानूनी रूप दिया जाए।


