NRI SANJH JALANDHAR (16 February)
जालंधर में कांग्रेस के पूर्व मंत्री अवतार हैनरी को कोर्ट ने दोहरी नागरिकता मामले में बरी कर दिया है। उनके खिलाफ भारतीय और विदेशी पासपोर्ट लेकर चुनाव लड़ने का केस चल रहा था। आरोप साबित न होने पर कोर्ट ने हैनर को बरी कर दिया। अब कांग्रेस में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या अवतार हैनरी सियासतम में वापसी करेंगे। अवतार हैनरी करतार बस सर्विस के मालिक हैं।
खुद को हैनरी का बेटा कहने वाले गुरजीत सिंह संघेड़ा ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया था कि अवतार हैनरी ने उनकी मां को तलाक दिए बिना दूसरी शादी की थी। उनके पिता 1962 में यूके गए थे। वहां उन्होंने 1965 में सुरिंदर कौर (अब दिवंगत) से शादी की थी। उसका जन्म 3 फरवरी 1966 को हुआ था और पिता ने 10 जनवरी 1968 को ब्रिटेन की नागरिकता ली थी। वहां मेडिकल कार्ड बनवाया और 1968 में ही यह ब्रिटिश पासपोर्ट बन गया था। 1969 में उनके पिता भारत आए और सुरिंदर कौर को तलाक दिये बिना हरिंदर कौर से दूसरी शादी कर ली। 1997 में वह विधायक थे और अपने मेडिकल कार्ड को रिन्यू कराने यूके भी गए थे।
बता दें कि हैनरी के खिलाफ दर्ज केस में आरोप साबित न होने पर उन्हें बरी किए जाने का हुक्म दिया है। 2017 विधानसभा चुनाव में नाॅर्थ हलका-36 के चुनाव अफसर बरजिंदर सिंह ने अवतार हैनरी की वोट को चैलेंज करने के लिए आई तीन शिकायतों का निपटारा करते हुए वोट रद्द करने का फैसला सुनाया था। इससे पहले यही फैसला 30 नवंबर 2012 को चुनाव अधिकारी प्रीतम सिंह ने दिया था। इसके बाद हैनरी ने अपने बेटे बावा हैनरी को टिकट दिलाई थी और वह विधायक बने थे।


