NRI SANJH JALANDHAR (11 March)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है। साथ ही कोर्ट ने जानकारी देने के लिए समय विस्तार की मांग कर रही याचिका खारिज कर दी है। पांच सदस्यीय बेंच ने एसबीआई को मंगलवार तक इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर रोक लगा दी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रमी कोर्ट ने एसबीआई को शुक्रवार शाम 5 बजे तक अपनी वेबसाइट पर जानकारियां प्रकाशित करने के आदेश दिए हैं। बैंक की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया है कि बैंक को जानकारी जुटाने के लिए और समय चाहिए। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता का हवाला दिया और पूरी प्रक्रिया में नाम नहीं होने की बात कही। डोनर की जानकारी को बैंक की तय शाखाओं में सील बंद लिफाफे में रखा जाता है।
जानकारियां सीलबंद लिफाफे में
सीजेआई चंद्रचूड़ ने एसबीआई पर सवाल उठाए और कहा, ‘आप कह रहे हैं कि जानकारियों को सीलबंद लिफाफे में रखा गया और मुंबई ब्रांच में जमा कराया गया है। हमारे निर्देश जानकारियों का मिलान करने के लिए नहीं थे। हम चाहते थे कि SBI दानदाताओं की जानकारी सामने रखे। आप आदेश का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं?’
30 जून तक का समय मांगने पर शीर्ष न्यायालय ने एसबीआई को फटकार लगाई। अदालत ने कहा, ‘बीते 26 दिन में आपने क्या कदम उठाए हैं? आपके आवेदन में इस पर कुछ नहीं कहा गया है।’ बेंच में शामिल जस्टिस खन्ना ने कहा कि, ‘सभी जानकारियां सीलबंद लिफाफों में हैं और आपको केवल लिफाफों को खोलना है और जानकारी देनी है।’
इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग यानी ECI को देने के लिए SBI ने 30 जून तक का समय मांगा था। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय बेंच सुनवाई कर रही है। बेंच में जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं।


