NRI SANJH JALANDHAR (11 March)
लोकसभा 2024 के चुनावों की घोषणा आने वाले दिनों में किसी भी वक्त हो सकती है। भाजपा व कांग्रेस अपनी पहली लिस्ट जारी कर चुकी हैं। लेकिन पंजाब की अभी तक किसी भी टिकट पर फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की दोबारा बैठक दिल्ली में होने वाली है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बैठक में पंजाब के मौजूदा 7 सांसदों पर बातचीत हो सकती है और तीन की टिकट अटक भी सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार, देवेंद्र यादव पंजाब दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और कांग्रेस वर्करों से मौजूदा सांसदों की टिकटों पर चर्चा कर चुके हैं। इसकी एक रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है, जिसे वे पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा के साथ लेकर बीते दिन CWC की बैठक में पहुंचे थे। बीते दिन 4 घंटे 7 सीटों पर चर्चा हुई।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, मौजूदा 7 सांसदों में से अमृतसर, खडूर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब की सीटों पर फैसला लटक सकता है। जिसके पीछे का कारण इनके इलाकों से मिली नेगेटिव रिपोर्ट है।
अमृतसर में पूर्व डिप्टी सीएम ने ठोका दावा
अमृतसर सीट पर पेंच दो बड़े दावेदारों के कारण अटक गया है। मौजूदा सांसद गुरजीत औजला यहां से एक बार उप-चुनाव व 2019 लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। इस बार भी उन्होंने दावा ठोका है, लेकिन अमृतसर में पूर्व डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी ने भी दोवेदारी पेश कर रखी है।
वे अमृतसर से हिंदू नेता को टिकट देने की हिमायत करते हुए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस को चिंता है कि अगर वे सोनी का रुख करते हैं तो औजला दूसरी पार्टी को जॉइन कर सकते हैं।
श्री आनंदपुर साहिब से राणा गुरजीत ने पेश की दावेदारी
वहीं, कांग्रेस के सीनियर लीडर मनीष तिवारी मौजूदा सांसद हैं और उनकी तरफ से दावेदारी भी पेश की जा चुकी है। लेकिन यहां से राणा गुरजीत सिंह ने भी दावेदारी ठोक दी है। जिसके बाद कांग्रेस इस सीट को लेकर भी असमंजस में फंस गई है।
खडूर साहिब की रिपोर्ट नेगेटिव
पंजाब के खडूर साहिब से रिपोर्ट अच्छी नहीं है। CWC इस पर भी विचार कर रही है। दरअसल, 2022 लोकसभा चुनावों के दौरान मौजूदा सांसद जसबीर सिंह डिंपा अपने बेटे को टिकट न देने से नाराज हो गए थे। इतना ही नहीं, उनके भाई ने चुनावों से कुछ समय पहले ही अकाली दल जॉइन कर लिया था। इसी तरह, लुधियाना की सीट के इनपुट सही नहीं हैं, लेकिन उनके सामने कोई बड़ी दावेदारी पेश नहीं हुई है।
2019 में 8 सीटों पर जीती थी कांग्रेस
2019 में पंजाब से कांग्रेस के 8 सांसदों ने जीत हासिल की थी, लेकिन बीते साल 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जालंधर के पूर्व सांसद संतोख चौधरी की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उप-चुनाव करवाए गए और इसमें कांग्रेस छोड़ AAP में गए सुशील रिंकू ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।
प्रगट सिंह को उड़ीसा की जिम्मेदारी
पंजाब के सीनियर लीडर व जालंधर से विधायक प्रगट सिंह को कांग्रेस ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए CWC में जगह दी है। फिलहाल वे उड़ीसा की सीटों पर काम करेंगे।


