Monday, June 1, 2026

Google search engine
Homeपंजाबमाघी दा मेला- श्री मुक्तसर साहिब में 2 लाख से 2 करोड़...

माघी दा मेला- श्री मुक्तसर साहिब में 2 लाख से 2 करोड़ तक के घोड़े पहुंच रहे, पूरे विश्व में मशूहर है ये मेला

NRI SANJH JALANDHAR (12 JANUARY)


लोहड़ी के बाद श्री मुक्तसर साहिब में लगने वाला माघी का मेला पूरे विश्ल मे ही मशहूर है। श्री मुक्तसर साहिब में चालीस शहीदों की याद में ऐतिहासिक माघी मेला मनाया जाता है। मेले की शुरुात श्री अखंड साहिब के पाठ के साथ की गई है। लाखों की संख्या मे संगत नतमस्तक होने के लिए गुरुद्वारा साहिब में पहुंचते हैं और सबसे खास बात इस मेले की ये है कि इसमें पहुंचने वाले घोड़े। जिनकी कीमत 2 लाख से लेकर 2 करोड़ तक होती है।


माघी के मेले में राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात से भी घोड़े पहुंचे हुए हैं। मेले में नुकरा (सफेद घोड़ा), मारवाड़ी (राजस्थान) और मज्जुका नस्ल के घोड़े सबसे ज्यादा फेमस हैं। मंडी में मांग के अनुसार घोड़ों की कीमतें उसकी खासियत के कारण बढ़ भी जाती हैं। यहां होर्स शो का भी आयोजन किया गया है। महंगे घोड़े अपनी कला, सुंदरता व खासियत का प्रदर्शन कर रहे हैं।

पिछले साल ग्लैंडर रोग के कारण पंजाब में घोड़ा मंडियों पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद इस मेले में भी घोड़े लाने पर प्रतिबंध लग गया था, लेकिन स्टड मालिकों के विरोध के बाद 16 जनवरी तक घोड़ा मेले की अनुमति दे दी गई। इस मेले में खास आकर्षण का केंद्र ये घोड़े ही होते हैं।


भारतीय नस्लें अधिक खरीदी व बेची जाती हैं
माघी के मेले के दौरान मुक्तसर में लगने वाली मंडी में ज्यादातर भारतीय नस्लें ही बेची और खरीदी जाती हैं। विदेशी घोड़ों को इन मंडियों में नहीं ले जाया जाता है। कुछ साल पहले जब नेटवर्किंग का जमाना नहीं था, तब विदेशी घोड़े भी यहां आते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होता। वहीं, ग्लैंडर रोग के कारण भी कोई महंगे घोड़े यहां लेकर नहीं आता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments